Global Peace Ambassador Gurudev Sri Sri Ravi Shankar received by Iceland’s Prime Minister
Global Peace Ambassador Gurudev Sri Sri Ravi Shankar received by Iceland’s Prime Minister H.E. Bjarni Benediktsson in Reykjavík A bilateral meeting took place on 24 June 2024 in Reykjavík where both discussed the importance of mental health as the basis for individual and societal welfare. Art of Living founder and world spiritual leader, Gurudev Sri Sri Ravi Shankar was received by Iceland’s Prime Minister Bjarni Benediktsson today in Reykjavík. Their meeting focused on the current peace situation in Europe, the need to address mental health issues, and on the importance of putting individual wellbeing at the core for societal prosperity. Gurudev shared about the work of the Art of Living Foundation that uses time-tested meditation and breathing techniques to help individuals get rid of stress, tension and anxiety, and which facilitates overall physical and mental wellbeing. Gurudev also spoke about how the Art of Living is rehabilitating prisoners and gang members in Denmark with the ‘Breathe Smart’ program to reduce the cycle of violence and drug addiction among offenders, and which promotes inner peace and a sense of care for one another. As part of the meeting, The Art…
Read moreजीवन में कुशलता प्राप्त करना ही योग है
जीवन में कुशलता प्राप्त करना ही योग है गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि “योग से कर्म में कुशलता आती है”। योग केवल आसन नहीं है, बल्कि आप कितनी कुशलता से बातचीत कर पाते हैं, कितनी कुशलता से किसी भी परिस्थिति का सामना कर पाते हैं; यह भी योग है। आज के समय में कोई भी यह नहीं कहेगा कि उन्हें कुशलता नहीं चाहिए। यहां कोई ऐसा नहीं जिन्हें नवाचार नहीं चाहिए, अंतःस्फूर्णा नहीं चाहिए या बातचीत करने की कुशलता नहीं चाहिए। ये सभी योग के सह-प्रभाव हैं, मैं यह भी नहीं कहूंगा कि ये सभी मुख्य प्रभाव हैं। योग हमारी किसी भी विश्वास प्रणाली के विरोध में नहीं है। चाहे आप किसी भी धर्म के अनुयायी हों, कोई भी दर्शन मानते हों या फिर किसी भी राजनीतिक विचारधारा का पालन करते हों, योग किसी के विरोध में नहीं है। योग हमेशा सद्भाव ही फैलाता है। योग विविधता को बढ़ावा देता है। योग का अर्थ ही है अस्तित्व के विभिन्न पहलुओं को जोड़ना। अब आप चाहे व्यवसायी हों, कोई प्रसिद्ध व्यक्ति हों या कोई साधारण व्यक्ति आप जीवन में शांति चाहते…
Read moreकार्यकर्ताओं ने मनाया नेता राहुल गांधी का जन्मदिन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुछ ऐसे मनाया राहुल गांधी का जन्मदिन कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय 24 अक्टूबर रोड पर सुबह से ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया था । सभी कार्यकर्ताओ की इच्छा थी राहुल गांधी से मिले। अलग-अलग ढंग से सब अपने नेता का जन्मदिन मनाना चाहते थे। कुछ कार्यकर्ता केक लेकर आए थे, तो कुछ बड़े-बड़े फूलों के हार लेकर आए थे तो कुछ सूत की मालाओं के साथ आए थे। कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनकी इच्छा पूरी हुई क्योंकि राहुल गांधी ने आए सभी कार्यकर्ताओं से मिलकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राहुल गांधी के जन्मदिन पर अपने कार्यकर्ताओं से पौधारोपण करने का आह्वान किया। बताया जा रहा है कि इस मौके पर बड़ी संख्या में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्र में पौधरोपण किया। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘X’ पर पोस्ट कर बताया की “पर्यावरण की रक्षा हम सभी का कर्तव्य है और इस कर्तव्य के निर्वहन के लिए हमारे आदर्श श्री राहुल गांधी जी के जन्मदिवस से बेहतर दिन और क्या हो सकता है?” जननायक आदरणीय…
Read moreविश्व बाल श्रम निषेध दिवस
आंकड़ों के अनुसार आज लगभग 15 करोड़ बच्चे बाल मजदूरी का शिकार बन रहे हैं। ये आंकड़े एशिया और प्रशांत क्षेत्र में 6.2 करोड़ जबकि अकेले अफ्रीका में 7.2 करोड़ है, जो की सबसे ज्यादा है और चिंताजनक है। दुनिया भर में बाल मजदूरी के कारण में नन्हे सपनों और उनकी अच्छी परवरिश बाल मजदूरी के बोझ में दब रही है । इस समस्या को सामने लाने और इसका सुचारू रूप से समाधान करने के लिए विश्व बाल श्रम दिवस को मनाए जाने की शुरुआत की गई। बाल श्रम दिवस क्यों मनाया जाता है बाल श्रम एक अपराध है, जिसमें बाल श्रम से ग्रसित बच्चे का भविष्य तो अंधकार में जाता ही है। बल्कि यह किसी भी देश की तरक्की और विकास में भी सबसे बड़ी अड़चन पैदा करता है। बच्चे देश का भविष्य होते हैं, लेकिन जब इन्हीं बच्चों का भविष्य अंधकार में होगा तो देश का भविष्य कैसे उज्जवल हो सकता है। इसलिए ही बच्चों को शोषण बाल श्रम से बचाने के लिए हर साल 12 जून को बाल श्रम दिवस मनाए जाने का निर्णय लिया गया, जिससे बाल श्रम जैसे मुद्दों को सामने लाया जा सके…
Read moreएनएचपीसी ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस
एनएचपीसी ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस भारत की अग्रणी हरित विद्युत कंपनी एनएचपीसी ने दिनांक 5 जून, 2024 को अपने निगम मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों, पावर स्टेशनों, परियोजनाओं और यूनिटों में उत्साहपूर्वक विश्व पर्यावरण दिवस मनाया । इस अवसर पर एनएचपीसी निगम मुख्यालय में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम के दौरान श्री आर.पी.गोयल,अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक एनएचपीसी, श्री उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक) एनएचपीसी, श्री आर.के. चौधरी, निदेशक (तकनीकी एवं परियोजनाएं) एनएचपीसी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। एनएचपीसी का दृष्टिकोण सक्षम, जिम्मेदार और नवीन मूल्यों के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा के सतत विकास के लिए एक वैश्विक अग्रणी संगठन बनना है। इसका मिशन अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए नए परिवर्तनों द्वारा प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को अनुकूलित करना और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर स्वच्छ ऊर्जा के विकास में उत्कृष्टता प्राप्त करना है । एनएचपीसी ने सदैव पर्यावरण के अनुकूल और सामाजिक–आर्थिक रूप से उत्तरदायी तरीके से परियोजनाओं को निष्पादित और प्रचालित करने का लक्ष्य रखा है । https://www.nhpcindia.com/welcome/news_detail/90
Read moreविश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बातचीत
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर इंटक के राष्ट्रीय महासचिव डा संजय कुमार सिंह ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए कहाँ की, कई जगह बल श्रमिक काम करते हुए दिखेंगे। हमारा मानना हैं कानून बने हैं पर आवश्यक हैं की कानूनों को सख्ती से परिपालन हो । बच्चे इस देश का भविष्य हैं उनके पढ़ने,खाने,रहने की व्यवस्था होनी चाहिए। हम सभी का सामाजिक दायित्व बनता हैं मिल कर प्रयास करें । बाल श्रम के विरुद्ध ट्रेड यूनियन संगठन काम कर रहे हैं हम इस मुद्दे पर सजग हैं पर इस विषय पर मिल कर जागरूकता व सरोकार के साथ काम करना होगा। सिंह ने कहाँ, मजदूर चाहे संगठित क्षेत्र में हो या असंगठित क्षेत्र में वह मजदूर होता हैं । संगठित क्षेत्र में अधिक सुविधाएं हैं , असंगठित क्षेत्र में भी योजनाएँ हैं पर उन योजनाओ का कार्यान्यवन करवाना बड़ी समस्या हैं ।
Read moreमहान स्वतंत्रता सेनानी रामप्रसाद बिस्मिल
रामप्रसाद बिस्मिल का नाम भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों में जाना जाता है। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हुआ था। बचपन से ही वे असाधारण प्रतिभा की धनी थे। युवावस्था में ही देश सेवा के लिए समर्पित हो कर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सक्रिय हो गए । राम प्रसाद बिस्मिल निकाय प्रसिद्ध कविताएं लिखी जिसमें “दुनिया से गुलामी का नाम मिटा दूंगा” । इसमें लगातार देश के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। अशफ़ाकउल्ला खा व अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन की नींव रखी उसके बाद भगत सिंह चंद्रशेखर आजाद और अन्य वरिष्ठ नेता क्रांतिकारी इस संगठन से जुड़े। काकोरी रेल कांड काकोरी रेल कांड का नाम भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक बड़ी घटना के रूप में लिया जाता है। स्वतंत्रता आंदोलन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए धन की आवश्यकता थी। जब क्रांतिकारियों ने उत्तर प्रदेश में एक रेल को लूटने की योजना के अनुसार काकोरी से चली रेल को रोक कर धावा बोला। अंततः वही अंजाम हुआ स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित करने का जो प्रण लिया था। रामप्रसाद…
Read moreNMDC reaffirms its commitment to sustainability on World Environment Day 2024
~Pledges to Protect the Environment on World Environment Day 2024~ Hyderabad, June 5, 2024: India’s responsible miner and largest iron Ore Producer, NMDC World Environment Day 2024 today at its Head Office in Hyderabad and projects across India, pledging to nurture the environment. The celebrations commenced with a ceremonial lamp lighting. NMDC’s Senior Management Shri Amitava Mukherjee, CMD (Addl. Charge) along with Shri Vinay Kumar, Director (Technical) and Shri B. Vishwanath, CVO, led the employees in pledging to protect the environment. A special video was unveiled in line with the theme ‘Land Restoration, Desertification, and Drought Resilience’. Addressing the employees and emphasizing on the importance of sustainability, Shri Amitava Mukherjee, said, “Earth is the only planet that supports life and has the potential to heal itself, but the question arises who will heal us? Are we living responsibly and preserving the resources for our future generation. We need to take care of our carbon footprints at an individual level. Our steps are directly related to intergenerational equity, so make a wise & sustainable choice for a better tomorrow.” Shri Vinay Kumar engaged with the employees, highlighting the critical aspects…
Read moreमहान उद्योगपति जमशेदजी टाटा
जमशेदजी टाटा टाटा ग्रुप उद्योग जगत के बड़े नामों में से एक है। कौन होगा जो टाटा ब्रांड से परीचित नहीं….टाटा नमक, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टी और भी कुछ। टाटा ग्रुप ने, फूड इंडस्ट्री से लेकर मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी तक हर क्षेत्र में अपने ब्रांड का प्रसार किया है। लेकिन क्या आप जानते हैं, इन सब की शुरुआत करने वाले और टाटा के नाम को पहचान दिलाने वाले जमशेदजी टाटा के बारे में…. अगर नहीं तो… आज के लेख में हम जमशेदजी टाटा और उनके जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर नजर डालने का प्रयास करेंगे। जमशेदजी टाटा का जीवन परिचय: जमशेदजी टाटा का जन्म सन् 1839 में 3 मार्च के दिन हुआ था। वे एक पारसी परिवार में जन्में थे। जमशेदजी के पिताजी नुसीरवानजी और माता जीवनबाई टाटा थी। नुसीरवानजी अपने सपने पूरे करने मुम्बई चले आए, जिसमें उनका साथ जमशेदजी ने भी दिया, जो 14 साल की छोटी सी उम्र में ही अपने पिता का हाथ बंटाने के लिए उनके साथ मुंबई चले आए। जमशेदजी ने कॉलेज खत्म करने के बाद पूरी तल्लीनता से खुदको पिताजी के व्यवसाय में समर्पित…
Read more87 countries participate in The Art of living’s Global Happiness Program
87 countries participate in The Art of living’s Global Happiness Program; Mark Gurudev’s 68th Birth Anniversary 13 May 2024, Bengaluru: Lakhs of people from 87 countries embarked on their journey to better mental health and happiness as part of the Global Happiness Program organized by The Art of Living across the globe to mark the 68th birth anniversary of the organization’s founder, humanitarian leader, and global peace ambassador, Gurudev Sri Sri Ravi Shankar. In India, lakhs of devotees celebrated the special day immersed in service, music, and spreading happiness in their communities. “Every day is a happy day when we are soaked in knowledge,” Gurudev shared in the public gathering attended by thousands of people from across the country at the scenic The Art of Living International Center, “When our life is dedicated to seva, satsang, sadhana, we find that every day becomes a celebration. Bring happiness to everyone. This thought “I am here to bring joy to everybody” will clear a path and make things the way you want it to be.” As part of the Global Happiness Program, participants reported feeling happier; clear in their minds; pain…
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