रामप्रसाद बिस्मिल का नाम भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों में जाना जाता है। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हुआ था। बचपन से ही वे असाधारण प्रतिभा की धनी थे। युवावस्था में ही देश सेवा के लिए समर्पित हो कर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सक्रिय हो गए ।
राम प्रसाद बिस्मिल निकाय प्रसिद्ध कविताएं लिखी जिसमें “दुनिया से गुलामी का नाम मिटा दूंगा” ।
इसमें लगातार देश के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। अशफ़ाकउल्ला खा व अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन की नींव रखी उसके बाद भगत सिंह चंद्रशेखर आजाद और अन्य वरिष्ठ नेता क्रांतिकारी इस संगठन से जुड़े।
काकोरी रेल कांड
काकोरी रेल कांड का नाम भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक बड़ी घटना के रूप में लिया जाता है। स्वतंत्रता आंदोलन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए धन की आवश्यकता थी। जब क्रांतिकारियों ने उत्तर प्रदेश में एक रेल को लूटने की योजना के अनुसार काकोरी से चली रेल को रोक कर धावा बोला।
अंततः वही अंजाम हुआ स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित करने का जो प्रण लिया था। रामप्रसाद बिस्मिल अशफाक उल्ला खान और राजेंद्र नाथ लाहड़ी , ठाकुर रोशन सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई 30 साल की उम्र में अपना जीवन मातृभूमि के लिए समर्पित कर गए।
महान स्वतंत्रता सेनानी रामप्रसाद बिस्मिल जी की जयंती पर शत शत नमन
वशिष्ठ – लेख का उद्देश्य महान स्वतंत्रता सेनानी रामप्रसाद बिस्मिल को श्रद्धांजलि व्यक्त करना हैं






