
Gujrat Titans
गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच बेहद रोमांचक मैच-गुजरात की जीत
गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स मैच बेहद रोमांचक रहा, क्योंकि दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसी स्थिति थी। बेहद दबाव भरे इस मुकाबले से जिस रोमांच की उम्मीद शुरू से की जा रही थी, मैच में वही देखने को मिला।
शुरुआत में दबाव दिखा
राजस्थान रॉयल्स पर शुरुआत में दबाव दिखा और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए। राजस्थान की इस पारी में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब वैभव सूर्यवंशी, जो ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने इस मैच में खुद को एंकर की भूमिका में रखा।
रविंद्र जडेजा के अलावा कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिक पाया
जहां दूसरे छोर पर विकेट गिर रहे थे और रविंद्र जडेजा के अलावा कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिक पाया, ऐसे समय में वैभव सूर्यवंशी ने लगातार धैर्य के साथ बल्लेबाजी की।
जब मौका मिला तो उन्होंने बहुत आक्रामक शॉट लगाए और जब मैच उस स्थिति में आया कि वह खुलकर अपने हाथ दिखा सकते थे, तो उन्होंने टॉप गियर में बल्लेबाजी शुरू कर दी और ताबड़तोड़ चौके-छक्के लगाए। एक बार फिर वही वैभव सूर्यवंशी मैदान पर दिखाई दे रहे थे, जिनके लिए वह जाने जाते हैं।
वैभव सूर्यवंशी का बढ़ता वैभव पर शतक से चूके

Representative PIC
लेकिन निराशा तब हुई, दर्शकों से लेकर खिलाड़ियों तक, जब वैभव सूर्यवंशी आज अपना शतक पूरा नहीं कर पाए और 96 के स्कोर पर कैच आउट हो गए।
हालांकि एक बड़ा दृश्य तब देखने को मिला जब वह मैदान से बाहर जा रहे थे और दर्शक खड़े होकर वैभव का अभिवादन कर रहे थे। वैभव ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी, पराक्रम और मजबूत धैर्य का परिचय देते हुए राजस्थान को वह प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा दिया, जहां से टीम गुजरात टाइटंस को बड़ी और कड़ी टक्कर देने की सोच सकती थी।
फरेरा की विस्फोटक कैमियो पारी
वैभव सूर्यवंशी के आउट होने के बाद फरेरा ने एक बहुत अच्छी कैमियो पारी खेली। उन्होंने कई ताबड़तोड़ छक्के लगाए और टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया।
उन्होंने एक ओवर में लगातार तीन छक्के लगाए और राशिद खान देखते ही रह गए कि आखिर इस बल्लेबाज को कैसे रोका जाए। इसी बीच मैदान पर मंत्रणा भी हो रही थी कि अगली गेंद किस तरह डाली जाए, क्योंकि लगातार तीन छक्के पड़ चुके थे और यह ओवर मैच बदलने वाला साबित हो सकता था।
एक और छक्के के साथ फरेरा ने अपनी पारी समाप्त की और दर्शकों को रोमांचित कर दिया। राजस्थान रॉयल्स ने 6 विकेट पर 214 रन बनाए और आखिरी ओवर में 27 रन आए।
अब सवाल यह है कि क्या यह गेम-चेंजिंग ओवर बनेगा?
गुजरात टाइटंस की शानदार शुरुआत
गुजरात टाइटंस की शुरुआत बहुत अच्छी रही। वहीं राजस्थान रॉयल्स की गेंदबाजी शुरुआत से ही लक्ष्य से भटकी हुई दिखाई दी। शुरुआती दो ओवरों में 24 रन बन चुके थे और बल्लेबाजों पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं था।
गुजरात की टीम इसी तरह की शुरुआत की उम्मीद कर रही थी। साईं सुदर्शन और शुभमन गिल ने तेजी से रन बनाए और तीन ओवर में ही टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई।
चौथे ओवर में साईं सुदर्शन का एक शॉट मिस-टाइम हुआ और गेंद काफी ऊंची गई, लेकिन फरेरा उस कैच को पकड़ने में नाकाम रहे।
जिस तरह वैभव सूर्यवंशी का कैच महत्वपूर्ण साबित हुआ, उसी तरह अब यह देखना था कि क्या साईं सुदर्शन भी बड़ा स्कोर बना पाएंगे।
सुदर्शन और गिल की सफल साझेदारी
सफल साझेदारी की बात करें तो साईं सुदर्शन और शुभमन गिल की जोड़ी सबसे सफल रही।
जिस तरह दोनों बल्लेबाज लगातार ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे थे, कहीं भी ऐसा दिखाई नहीं दे रहा था कि राजस्थान के लिए कोई मौका बचा है। दोनों बल्लेबाजों को श्रेय दिया जाना चाहिए कि उन्होंने हाई-प्रेशर मुकाबले में जिस तरह बल्लेबाजी की, उससे मैच लगभग एकतरफा हो गया।
साईं सुदर्शन ने 32 गेंदों में 58 रन बनाए।
इसी बीच शुभमन गिल ने 49 गेंदों में शानदार शतक लगाया।
स्पष्ट रूप से यह एक मैच जिताऊ पारी रही।
देखना है गुजरात टाइटंस को फ़ाइनल में रॉयल चैलेंजर्स कैसे चैलेंज पेश कर पाएंगे




