सामाजिक सुरक्षा कोड 2020 को श्रमिकों और राष्ट्र के लिए सतत और समावेशी विकास के लिए ईज ऑफ डूइंग और ईज ऑफ लिविंग के आदर्श वाक्य को साकार करने के लिए तैयार किया गया है: श्री भूपेंद्र यादव कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने आज श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों की सेवा के 71 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर समारोह मनाने के लिए केंद्रीय श्रम और रोजगार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के लिए ईएसआईसी विशेष सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया। 24.02.2023 से 10.03.2023 तक डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में “बेहतर स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सुरक्षा” विषय पर 24.02.2020 से संगोष्ठी/जागरूकता शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर, योग, आयुष और पोषण शिविर, श्री अन्न के अनुरूप बाजरा पर विशेष जोर, स्वच्छता अभियान, शिकायत निवारण, लंबित बिलों की निकासी/बीमाकृत श्रमिकों/आश्रितों के दावों आदि का निपटान के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ईएसआईसी के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को 19,000 बेड से बढ़ाकर 28,000 बेड और 160 अस्पताल से 241 अस्पताल करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सामाजिक…
Read moreदीपक शर्मा इंटक के राष्ट्रीय सचिव बने
Indian National Trade Union Congress (राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस) के अधिवेशन में दिल्ली के युवा नेता दीपक शर्मा को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। इंटक मीडिया सेल के चेयरमैन दीपक शर्मा पिछले 25 सालों से इंटक से जुड़े हैं। संगठन सचिव से सचिव बनने के बाद शर्मा के दिल्ली से एक समर्थक ने बातचीत में कहां कि यह अच्छी बात है कि ट्रेड यूनियन में युवा शिक्षित लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। हम इंटक राष्ट्रीय नेतृत्व का धन्यवाद व्यक्त करना चाहते हैं
Read moreसंजय सिंह इंटक के महासचिव चुने गए
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस, इंटक के अधिवेशन में जहां डा रेड्डी को अध्यक्ष चुना गया वही संजय सिंह को महासचिव चुना गया। संजय इससे पूर्व इंटक के कार्यवाहक महासचिव थे। इस चुनाव के बाद संजय सिंह का राजनीतिक कद बढ़ा है। छत्तीसगढ़ से संजय सिंह श्रमिक मुद्दों पर जमीनी पकड़ रखते है। इंटक का महासचिव चुने जाने के बाद सिंह ने कहां कि असंगठित क्षेत्र पर संगठन का पूरा ध्यान केंद्रित है। जहां सरकार की नीतियां ट्रेड यूनियन आंदोलन को कमजोर करने ही है ,वहीं हम सभी आने वाले समय में जैसा की ट्रेड यूनियनों के सयुक्त मंच से कार्यक्रम तय हुआ है डा. जी संजीवा रेड्डी के नेतृत्व में हम आगे बढ़ेंगे । इंटक के अधिवेशन का उद्घाटन सत्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, दिग्विजय सिंह, तारिक अनवर, करण सिंह, रमेश चेन्नतल्ला व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की थी। कांग्रेस नेताओं की इंटक अधिवेशन में बड़ी उपस्थिति कांग्रेस के श्रमिको को साथ लेकर चलने की नीति के तौर पर भी देखा जा सकता है। एक नेता से प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष का इंटक के मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का एक घंटे…
Read moreऔद्योगिक श्रमिकों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (2016=100) –जनवरी 2023
श्रम ब्यूरो, श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय से संबंधित कार्यालय द्वारा हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन सम्पूर्ण देश में फैले हुए 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर किया जाता है। सूचकांक का संकलन 88 औद्योगिक केंद्रों एवं अखिल भारत के लिए किया जाता है और आगामी महीने के अंतिम कार्यदिवस पर जारी किया जाता है। जनवरी, 2023 का अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 0.5 अंक बढ़कर 132.8 (एक सौ बत्तीस दशमलव आठ) अंकों के स्तर पर संकलित हुआ। सूचकांक में 1-महीने के प्रतिशत में बदलाव हुआ है, यह पिछले महीने की तुलना में 0.38 प्रतिशत बढ़ गया, जबकि एक साल पहले इसी महीनों के बीच दर्ज 0.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। सूचकांक में बढ़ोतरी में अधिकतम योगदान आवास समूह का रहा जिसने कुल बदलाव को 0.40 प्रतिशत योगदान दिया। मदों में, घर का किराया, गेहूं, गेहूं अटा, गाय का दूध, सेब, केला, नारंगी, ब्रिंजल, लेडी फिंगर, कुंड्रू, जीरा/जीरा, अंडा मुर्गी, पका हुआ भोजन, पैन समाप्त, जरदा, मेडिसिन एलोपैथिक, शौचालय साबुन आदि सूचकांक में वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं। हालांकि इस वृद्धि को काफी…
Read moreश्रम और रोजगार मंत्रालय ने एनएफएसए डेटा के साथ ई-श्रम लाभार्थियों के डेटा का मिलान शुरू किया
ई-श्रम पोर्टल को 26 अगस्त 2021 को श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था जिसका उद्देश्य असंगठित/प्रवासी कामगारों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाना और उन्हें एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) प्रदान करना है। इस पोर्टल के बारे में देश भर के असंगठित/प्रवासी कामगारों का रुख अभूतपूर्व एवं अत्यंत सकारात्मक रहा है और 24 फरवरी 2023 तक 28.60 करोड़ से भी अधिक कामगारों ने ई-श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। ई-श्रम पोर्टल का एक उद्देश्य असंगठित कामगारों, विशेष रूप से प्रवासी कामगारों को भी सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करना, एवं जागरूकता की कमी या किसी और वजह से केंद्र और/या राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के विभिन्न लाभों से वंचित कामगारों की पहचान करना है। इस उद्देश्य से श्रम और रोजगार मंत्रालय ने खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) के पास उपलब्ध राशन कार्ड (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, एनएफएसए) डेटा के साथ ई-श्रम लाभार्थियों के डेटा का मिलान शुरू किया। राशन कार्ड का पूरा डेटा सेट डीएफपीडी द्वारा श्रम और रोजगार मंत्रालय को उपलब्ध कराया गया। इन दोनों डेटा सेटों का मिलान करने पर यह पाया गया है कि कुल 28.60 करोड़ ई-श्रम…
Read moreडा. जी संजीवा रेड्डी में इंटक के कामगारों की आस्था,एक बार फिर अध्यक्ष चुने गए
इंटक के राष्ट्रीय अधिवेशन में जी संजीवा रेड्डी को राष्ट्रीय अध्यक्ष व संजय कुमार सिंह को महासचिव चुना गया है। हालांकि इंटक में नेतृत्व की चर्चा थी, लेकिन जनरल काउंसिल ने एक आवाज में वरिष्ठता को प्राथमिकता देते हुए डॉक्टर रेड्डी के नेतृत्व में विश्वास जताया है।हमारे रिपोर्टर की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव में जब अध्यक्ष पद की बात पर चर्चा शुरू हुई तो पूरे ऑडिटोरियम में डा. रेड्डी के नारों का शोर था। इंटक के नेताओं में होड़ थी की हर कोई प्रस्तावक बनना चाहता था। डा. जी संजीव रेड्डी 1994 से लगातार निर्विरोध रूप से इंटक के अध्यक्ष निर्वाचित हो रहे हैं। इस अधिवेशन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति रेडी को पूरा समर्थन आने वाले समय में मजदूरों में अपनी पकड़ को कसने की कवायद कही जा सकती है।
Read moreअशोक सिंह इंडियन नेशनल डिफेंस वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष निर्वाचित
डिफेंस वर्कर्स फेडरेशन के सम्मेलन में अशोक सिंह को अध्यक्ष व श्रीनिवासन को महासचिव चुना गया। इंडियन नेशनल डिफेंस वर्कर्स फेडरेशन के सम्मेलन में इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ने पुरानी पेंशन को मजदूर और श्रमिकों का हक बताते हुए कहाँ कि हम मजदूर संगठन पूरे देश में एक साथ चल रहे हैं और इस अत्याचार को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। जीवन भर सेवा देने वाले श्रमिक की पेंशन खत्म करना उसके साथ अन्याय है।अशोक सिंह ने कहाँ युवा शक्ति जो कि बड़े श्रमिक बल का हिस्सा है। परंतु आज उनके सामने रोजगार का संकट है। सरकार सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में सौंप रही है छंटनी हो रही है, ठेकेदारी प्रथा ने हजारों मजदूरों की रोटी-रोजी छीन ली है।
Read moreक्या हैं श्रम संगठनों की मांगे -एक नजर घोषणापत्र पर
काॅन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित श्रमिकों के राष्ट्रीय सम्मेलन में ट्रेड यूनियनो के घोषणा पत्र में क्या पक्ष हैं ट्रेड यूनियनो का : बेरोजगारी: “हमें इस बात की चिंता है कि हमारे बच्चों को नौकरी नहीं मिल रही है। लेकिन सरकारी रिक्तियों को भी नहीं भरा जाता है,जो उनके अधिकार में है। कई सार्वजनिक उपक्रमों को बंद किया जा रहा है या निजी पार्टियों को बेच दिया जा रहा है, जो तुरंत “डाउन-साइजिंग“ शुरू करते हैं, कई हज़ार श्रमिकों को रोज़गार से बाहर कर देते हैं। ठेका कर्मचारी नौकरी छूटने और छंटनी के प्रमुख शिकार बन गए हैं। कोविड के बाद भी जब जीवन को पटरी पर लाने के लिए नौकरियों की सख्त जरूरत है, अवैध तरीके से भी फैक्टिंयों को बंद होने दिया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर बेरोजगारी पैदा हो रही है। क्या हैं मुख्य मांगे- मनरेगा को साल में 200 दिनों तक बढ़ाया जाए: “हम मांग करते हैं कि मनरेगा को साल में 200 दिनों तक बढ़ाया जाए और पारिश्रमिक में वृद्धि की जाए और इसी तरह की योजना शहरी क्षेत्रों में भी लाई जाए। लेकिन सरकार ने बजटीय आवंटन में भारी कमी की हैऋ…
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