मदनलाल ढींगरा – स्वंत्रता आंदोलन के युवा क्रन्तिकारी

मातृभूमि के लिए जीवन समर्पित करने वाले महान स्वंत्रता सैनानी यह कहानी है भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर क्रांतिकारी मदनलाल ढींगरा जी की, जो उन वीर और साहसी युवाओं में से एक थे, जिन्होंने अपना जीवन मातृभूमि के नाम कर दिया। उनका जीवन भले ही कम समय का रहा, लेकिन उन्होंने बड़े संघर्ष के साथ अपने जीवन को इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान स्वतंत्रता सेनानी मदनलाल ढींगरा का जन्म पंजाब में अमृतसर, 18 सितंबर 1883 को  हुआ था। उनका परिवार पंजाब के संपन्न परिवारों में गिना जाता था। उनके परिवार में मुख्यतः सभी लोग शिक्षित थे और बड़े पदों पर स्थापित हुए। मदनलाल ढींगरा शुरू से ही अपने स्वभाव में विद्रोही प्रवृत्ति रखते थे। वे भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह से जुड़े थे। उच्च शिक्षा के लिए वे इंग्लैंड गए और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। वे गरम दल के विचारों से प्रभावित थे। 1909 में मदनलाल ढींगरा ने ब्रिटिश अधिकारी सर विलियम हट कर्जन वायली को गोली मारी। 1 जुलाई 1909 को लंदन के इंपीरियल इंस्टीट्यूट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें मौका मिला और उन्होंने वायली की हत्या कर…

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अरविंद घोष: राष्ट्रसेवा से अध्यात्म तक की प्रेरणादायी यात्रा

श्री अरविंद घोष एक विरल व्यक्तित्व थे-एक तरफ क्रांतिकारी, तो दूसरी तरफ दार्शनिक; एक तरफ शूरवीर, तो दूसरी तरफ कवि। उनकी जयंती 15 August पर हम सब उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन अर्पित करते हैं “सच्चा ज्ञान चिंतन से प्राप्त नहीं होता। यह वह है जो आप हैं; यह वह है जो आप बनते हैं।” अरविंद घोष एक महान कवि आध्यात्मिक चिंतक में राष्ट्रवादी नेताओं में उनका नाम प्रसिद्ध है उनका जन्म कोलकाता में हुआ था उनके पिता एक चिकित्सक थे अरविंद जी की शुरुआती पढ़ाई देश में हुई लेकिन बाद में वह इंग्लैंड से लेकर और कैंब्रिज विश्वविद्यालय में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की वह प्रांत भारतीय सिविल परीक्षा भी पास की स्वदेश वापसी और भारत की पहचान सन् 1893 में जब वे भारत वापस लौटे, तो उन्होंने अपनी धरती की संस्कृति, दर्शन और साहित्य का सूक्ष्म अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें गहराई से अनुभव हुआ कि भारत में एक नए राष्ट्रीय पुनर्जागरण की अत्यंत आवश्यकता है। बंगाल विभाजन 1905 में जब ब्रिटिश सरकार ने बंगाल का विभाजन किया, तो समूचा देश क्षुब्ध हो उठा। उन्होंने न केवल ‘स्वदेशी’ और ‘बहिष्कार’ के प्रस्तावों का जोरदार समर्थन किया, बल्कि इसे जन-जन का अभियान…

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LIC hands over its dividend cheque to the Government of India.

Shri R. Doraiswamy, CEO & MD, LIC of India, today presented the Dividend cheque of ₹ 12,207.25 Crore to Honourable Union Minister of Finance and Corporate Affairs Smt. Nirmala Sitharaman, as the Government of India’s share of Dividend, approved by the Shareholders in the Annual General Meeting held on 27th July, 2026. Shri Sanjay Lohiya, Secretary, Dept. of Financial Services, Ministry of Finance, Govt. of India was present along with the officials from Life Insurance Corporation of India, Shri Ratnakar Patnaik, MD, Shri R. Chander, MD and Shri N.S. Raghava, ZM (I/C), Northern Zone. LIC is completing 70 glorious years since its incorporation and as at 31.03.2026 has an asset base of ₹ 59.03 Lakh Crore. It continues to be the market leader in the Indian Life Insurance market. Dated at Mumbai on 29th July, 2026

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मैडम भीकाजी कामा- महान स्वतंत्रता सेनानी

भीकाजी कामा पुण्यतिथि पर स्मरण व् श्रद्धांजलि भीकाजी कामा का प्रारंभिक जीवन भीकाजी कामा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की उन प्रमुख महिला सेनानियों में शामिल थीं, जिन्होंने देश की आजादी की आवाज को भारत की सीमाओं से बाहर तक पहुंचाया। उनका जन्म 24 सितंबर 1861 को मुंबई के एक प्रतिष्ठित पारसी परिवार में हुआ था। उनका विवाह रुस्तम कामा से हुआ। देश की गुलामी और भारतीयों की स्थिति ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला और धीरे-धीरे वह राष्ट्रवादी गतिविधियों से जुड़ती चली गईं। समाज सेवा से स्वतंत्रता संघर्ष तक 1896 में मुंबई में प्लेग महामारी फैलने के दौरान भीकाजी कामा ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रूप से काम किया। लोगों की सेवा करते हुए वह स्वयं भी बीमार पड़ गईं। स्वास्थ्य लाभ के लिए उन्हें यूरोप जाना पड़ा। यूरोप में रहने के दौरान उनका संपर्क भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े कई राष्ट्रवादी नेताओं और क्रांतिकारियों से हुआ। इसके बाद उनका जीवन भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष के लिए और अधिक समर्पित हो गया। विदेश से ब्रिटिश शासन का विरोध भीकाजी कामा ने विदेश में रहते हुए ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय स्वतंत्रता की आवाज उठाई। उन्होंने…

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युवा क्रांतिकारी – खुदीराम बोस

खुदीराम बोस की कहानी 11 अगस्त 1908 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक अहम तारीख है। देश ने एक युवा क्रांतिकारी को खो दिया। खुदीराम बोस उस समय महज 18 वर्ष के थे। इतनी कम उम्र में उन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ क्रांतिकारी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। अंत में उन्होंने अपने जीवन का बलिदान दे दिया। खुदीराम बोस उनका जन्म 3 दिसंबर 1889 को मिदनापुर जिले में हुआ था। बचपन में ही उनके माता-पिता का निधन हो गया। इसके बाद उनकी परवरिश उनकी बड़ी बहन अनुरूपा देवी ने की। यह अनुभव उनके विचारों को जल्दी से परिपक्व बनाने में मददगार रहा। कम उम्र में ही उन्हें राजनीतिक माहौल का आभास हुआ था। इसके बाद, देश में अंग्रेजी शासन के खिलाफ विरोध बढ़ रहा था। यह स्थिति उनके जीवन तक प्रभाव डालती रही। यह अनुभव जैसे उनके मन में देशभक्ति के बीज डाल गया। कम उम्र से उन्होंने विदेशी शासन के विरोध और राष्ट्रीय आन्दोलन से जुड़ने की प्रवृत्ति विकसित की। उसके बाद उन्होंने पढ़ाई–लिखाई के साथ राजनीतिक प्रश्नों पर विचार किया और समाज के लिए काम करने की चाह जताई। यह यात्रा उन्हें एक प्रेरक व्यक्तित्व बनाती रही।उस दौर…

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दीपक शर्मा-मंज़िल से अधिक महत्वपूर्ण है संघर्ष

दीपक शर्मा –पोस्टर चिपकाने से लेकर राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियों तक… एक संघर्ष और जनसेवा की यात्रा बहुत कम लोग जानते हैं कि जिस व्यक्ति ने संगठन में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत पोस्टर चिपकाने जैसे साधारण कार्य से की थी, वही आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारियाँ निभाएगा, विधानसभा चुनावों में पर्यवेक्षक और समन्वयक के रूप में कार्य करेगा, देश के वरिष्ठ नेताओं के साथ जनहित के मुद्दों पर चर्चा करेगा और टीवी बहसों में अपनी पार्टी का प्रभावी पक्ष रखेगा। शक्ति नहीं, सेवा के लिए राजनीति यह कहानी है दीपक शर्मा की- एक ऐसे युवा की, जिसने कठिन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। उनके लिए राजनीति शक्ति प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सेवा, जनकल्याण और सकारात्मक बदलाव का सशक्त माध्यम है। दृढ़ इच्छाशक्ति से जनसेवा तक दिल्ली के एक साधारण परिवार में जन्मे दीपक शर्मा का जीवन इस बात का प्रमाण है कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए असाधारण परिस्थितियों की नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर परिश्रम और स्पष्ट उद्देश्य की आवश्यकता होती है। संघर्ष, सामाजिक सरोकार, वैचारिक प्रतिबद्धता, संगठनात्मक क्षमता और जनसेवा-दृढ़…

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लॉर्ड्स पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास

लॉर्ड्स पर जीत- क्रिकेट में कुछ सफलताएं ऐसी होती हैं जो सिर्फ सफलता नहीं , बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बन जाती हैं । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड पर मिली जीत भी ऐसी ही एक उपलब्धि है। लॉर्ड्स पर जीत- यह जीत सिर्फ 270 रन के बड़े अंतर से हासिल की गई सफलता नहीं, बल्कि उस सफर का प्रतीक है जिसमें भारतीय महिला क्रिकेट ने वर्षों की मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर नई पहचान बनाई है। मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने सकारात्मक सोच के साथ खेल दिखाया। स्मृति मंधाना ने 83 रन – संयमित पारी पहली पारी में सलामी बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना ने 83 रन की संयमित पारी खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत दी। हरमनप्रीत की पारी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रन बनाकर मध्यक्रम को संभाला, जबकि दीप्ति शर्मा के 57 रन भारत को सम्मानजनक स्कोर तक ले जाने में अहम साबित हुए। दूसरी पारी में मैच पर पकड़ मजबूत दूसरी पारी में भारत ने मैच पर पूरी तरह अपनी पकड़ मजबूत कर ली। यास्तिका भाटिया ने शानदार 113 रन की पारी खेली। उन्होंने धैर्य…

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वैभव सूर्यवंशी शतक से चूके, दिल जीत गए

वैभव सूर्यवंशी –लगातार दो मैचों में शानदार पारियां, 15 वर्षीय बल्लेबाज ने दिखाया बड़ा मैच टेम्परामेंट क्रिकेट में कुछ पारियां स्कोरबोर्ड पर दर्ज आंकड़ों से नहीं, बल्कि अपने प्रभाव से पहचानी जाती हैं। ऐसा ही प्रभाव 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 के अपने आखिरी दो मुकाबलों में छोड़ा। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज पहले मैच में, जो रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ खेला गया था, वैभव शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया और बड़े शॉट खेलने से पीछे नहीं हटे। हालांकि, शतक की ओर बढ़ रही उनकी शानदार पारी एक बड़े शॉट के प्रयास में समाप्त हो गई और वह अपने शतक से चूक गए। क्वालिफायर-2 में जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी लेकिन क्वालिफायर-2 में उनकी बल्लेबाजी एक अलग ही कहानी बयां कर रही थी। इस बार टीम की जरूरत कुछ और थी। लगातार विकेट गिर रहे थे और ऐसे मुश्किल समय में वैभव ने अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली से हटकर जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी का परिचय दिया। उन्होंने संयम दिखाया, जोखिम कम लिया और पारी को संभालने का प्रयास किया। शतक के बेहद करीब एक बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में…

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गुजरात टाइटंस की दमदार बल्लेबाजी

गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच बेहद रोमांचक मैच-गुजरात की जीत गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स मैच बेहद रोमांचक रहा, क्योंकि दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसी स्थिति थी। बेहद दबाव भरे इस मुकाबले से जिस रोमांच की उम्मीद शुरू से की जा रही थी, मैच में वही देखने को मिला। शुरुआत में दबाव दिखा राजस्थान रॉयल्स पर शुरुआत में दबाव दिखा और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए। राजस्थान की इस पारी में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब वैभव सूर्यवंशी, जो ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने इस मैच में खुद को एंकर की भूमिका में रखा। रविंद्र जडेजा के अलावा कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिक पाया जहां दूसरे छोर पर विकेट गिर रहे थे और रविंद्र जडेजा के अलावा कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिक पाया, ऐसे समय में वैभव सूर्यवंशी ने लगातार धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। जब मौका मिला तो उन्होंने बहुत आक्रामक शॉट लगाए और जब मैच उस स्थिति में आया कि वह खुलकर अपने हाथ दिखा सकते थे, तो उन्होंने टॉप गियर में बल्लेबाजी शुरू कर दी और ताबड़तोड़ चौके-छक्के लगाए।…

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IPL 2026 Playoff Race: RCB,

IPL 2026 Playoff Race में बढ़ा रोमांच, हर मैच बदल रहा समीकरण Indian Premier League के इस सीजन में हर मुकाबला प्लेऑफ की तस्वीर बदलता दिखाई दे रहा है। टूर्नामेंट अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां एक जीत टीम को टॉप-4 में पहुंचा सकती है, जबकि एक हार पूरे समीकरण बिगाड़ सकती है। इस सीजन में कुछ टीमों ने शुरुआत से ही अपनी मजबूत पकड़ बनाई, जबकि कुछ टीमें लगातार संघर्ष करती नजर आईं। अब जैसे-जैसे लीग स्टेज अंतिम दौर में पहुंच रहा है, वैसे-वैसे रोमांच और भी बढ़ता जा रहा है। RCB बनी सबसे मजबूत टीम Royal Challengers Bengaluru इस समय टूर्नामेंट की सबसे संतुलित और मजबूत टीम के रूप में उभरकर सामने आई है। टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया है। लगातार जीत ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है और यही कारण है कि टीम अंक तालिका में शीर्ष स्थानों पर बनी हुई है। Virat Kohli का अनुभव और नेतृत्व टीम के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है। युवा खिलाड़ियों ने भी जिम्मेदारी संभालते हुए कई मैचों में टीम को जीत दिलाई। For More Info Points Table https://www.iplt20.com/matches/points-table गुजरात…

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