सूर्यकुमार यादव ‘SKY’ भारतीय क्रिकेट का सितारा

सूर्यकुमार यादव 14 सितंबर 2026 को 36वां जन्मदिन मना रहे हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें SKY नाम से ढेरो बधाई शुभकामनाएं मिल रही हैं। T20 क्रिकेट में उनकी 360-डिग्री बल्लेबाजी ने पुरानी सीमाएं बदल दीं। सूर्यकुमार यादव SURYA KUMAR YADAV – International Career Stats T20I Matches 113 Runs 3272 Avt 36.35 SR 162.94 ODI 37 Runs 773 Avg 25.76 SR 105.02 SKY नाम कैसे बना पहचान? SKY नाम उनके नाम के पहले अक्षरों से बना है। सूर्यकुमार यादव के नाम से S, K और Y मिलते हैं। यही मिलकर ‘SKY’ बनाता है। जब हौंसले बुलंद होते हैं तो आसमा भी दूर नहीं। यह नाम गौतम गंभीर ने दिया था। यह नाम उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की पहचान बन गया। बचपन और परिवार:  14 सितंबर 1990 को मुंबई में जन्मे  सूर्य का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से है। बचपन में उन्होंने वाराणसी में क्रिकेट की बुनियादी शिक्षा ली। वे मुंबई के अनुशक्ति नगर क्षेत्र में बड़े हुए। BARC क्रिकेट ग्राउंड का उनके शुरूआती करियर में अहम् योगदान हैं ।12 साल की उम्र में उन्होंने वेंगसरकर अकादमी में दाखिला लिया। मुंबई क्रिकेट: घरेलू क्रिकेट का दौर 2010 में…

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अक्षय कुमार बर्थडे स्पेशल: चांदनी चौक तक का सफर

अक्षय कुमार बर्थडे चांदनी चौक से बॉलीवुड के “खिलाड़ी” तक का सफर बॉलीवुड में जब कभी धमाकेदार एक्शन और जबरदस्त कॉमेडी फिल्मों की चर्चा होती है। तो अक्षय कुमार का नाम बिना किसी परिचय के दिमाग में आता है। अक्षय कुमार बर्थडे -9 सितंबर को यह बॉलीवुड सुपरस्टार अपना बर्थडे सेलिब्रेट करते हैं। इस खास मौके पर हम उनके प्रेरणादायक फिल्मी सफर पर नज़र डालेंगे। दिल्ली की गलियों से लेकर हिंदी सिनेमा के सबसे हार्डवर्किंग और भरोसेमंद एक्टर बनने तक का यह सफर है। कौन हैं अक्षय कुमार? अक्षय कुमार का रियल नेम राजीव हरिओम भाटिया है।उनका जन्म 9 सितंबर 1967 को अमृतसर, पंजाब में हुआ।उनकी परवरिश पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में हुई।बचपन से ही उनका झुकाव पढ़ाई से ज्यादा स्पोर्ट्स, बॉडी बिल्डिंग और मार्शल आर्ट की तरफ था। स्कूली शिक्षा के बाद अक्षय मुंबई गए और मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग ली। इसके बाद बैंकॉक में उन्होंने अपने एक्शन स्टंट्स को निखारा।यहीं से मॉडलिंग और फिर एक्टिंग करियर की शुरुआत हुई। बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के, अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर अक्षय कुमार बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ बने।उनकी फिल्म “चांदनी चौक टू चाइना” (2009) भी उनके सफर…

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Shubman Gill: 8 सितंबर को 27 साल के हुए टीम इंडिया के कप्तान

Shubman Gill जन्मदिन विशेष | 8 सितंबर शुभमन गिल भारतीय क्रिकेट में एक चमकता नाम हैं ।अपनी प्रतिभा से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दरवाजा खटखटाया । अपनी जबरदस्त मौजूदगी दर्ज कराते हुए अपने सफर की शुरुआत की। बचपन में ही दिखने लगी थी क्रिकेट की चमक 8 सितंबर को पंजाब के फाजिल्का में शुभमन गिल का जन्म हुआ। पंजाब से आया यह खिलाड़ी आज भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में शामिल हो चुका है। शुभमन के क्रिकेट करियर की नीव बचपन में पड़ चुकी थी । उनके पिता ने उनकी रुचि और योग्यता को देखकर यह पहचान लिया था । उनमें क्रिकेट की खास प्रतिभा है। इसके बाद उन्होंने शुभमन को मोहाली में क्रिकेट कोचिंग के लिए भेजा। उनके पिता ने खुद उन्हें प्रशिक्षण दिया और उन्हें परिवार का पूरा सपोर्ट रहा। अंडर-19 विश्व कप ने बदली शुभमन गिल की पहचान मात्र 14 साल की उम्र में शुभमन ने कमाल कर दिया। उन्होंने पंजाब के अंडर-16 क्रिकेट में हिस्सा लिया। यहाँ उन्होंने 587 रन की रिकॉर्ड साझेदारी निभाई। इसी परफॉरमेंस के साथ उन्होंने अपनी उभरती प्रतिभा का संदेश दे दिया। 2018 का अंडर-19 विश्व कप उनके करियर का सबसे…

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पंकज त्रिपाठी: गांव के रंगमंच से बॉलीवुड तक

Happy Birthday पंकज त्रिपाठी- हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाले बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी, अपने अलहदा अभिनय के लिए पहचाने जाते हैं। फुकरे के पंडित जी, गैंग्स ऑफ वासेपुर, लुका छुपी और कागज जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक मुकाम हासिल किया है। गांव के रंगमंच से शुरू हुआ उनका सफर आज बॉलीवुड तक पहुंच चुका है। उनका जन्म 5 सितंबर को गोपालगंज जिले में हुआ था। HAPPY BIRTHDAY PANKAJ TRIPATHI गैंग्स ऑफ वासेपुर से मिली पहचान, फुकरे के पंडित जी ने जीता दिल गैंग्स ऑफ वासेपुर में पंकज त्रिपाठी ने बिल्कुल अलहदा अंदाज में अभिनय किया, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान दिलाई। इसके बाद फुकरे में पंडित जी की भूमिका में उनका अभिनय सिनेमा प्रेमियों को गुदगुदाहट और सुकून देता है। किरदार की उल्टी-सीधी हरकतों पर पंडित जी की प्रतिक्रियाएं बेहद रोमांचक हैं। उनके चेहरे के भाव और ठहराव वाला अभिनय हास्य पैदा करता है। पंडित जी के किरदार में उन्होंने जिस सहजता के साथ हास्य पेश किया, वह उनके अभिनय की खासियत है-उनके संवाद बोलने का अंदाज और हर परिस्थिति पर…

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अभिषेक शर्मा को जन्मदिन की शुभकामनाएँ

हैंडसम अभिषेक शर्मा, चार्मिंग अंदाज – ग्राउंड पर चौके और छक्कों  की झड़ी जन्म: 4 सितंबर 2000जन्मस्थान: अमृतसर, पंजाबबल्लेबाजी: बाएं हाथ के बल्लेबाजगेंदबाजी: स्लो लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्सभूमिका: ऑलराउंडर हैंडसम अभिषेक शर्मा, चार्मिंग अंदाज लेकिन जैसे ही बल्लेबाजी करने आते हैं, यही शांत चेहरा आक्रामक तेवर दिखाने लगता है। ग्राउंड पर चौके और छक्कों  की झड़ी लगना शुरू हो जाता है। बेखौफ बल्लेबाजी भारतीय क्रिकेट इतिहास में खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक से पहचान बनाई और कुछ ने अपने अंदाज से। अभिषेक उन्हीं खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने बेखौफ बल्लेबाजी और हार्ड हिटिंग की क्षमता से T20 क्रिकेट में डोमिनेट किया। 4 सितंबर 2000 को अमृतसर में अभिषेक शर्मा का जन्म हुआ। बाएं हाथ के बल्लेबाज और लेफ्ट आर्म गेंदबाज के रूप में जाने जाने वाले अभिषेक एक डैशिंग अटैकिंग ऑल राउंडर के रूप में जाने जाते हैं।  ने 6 अक्टूबर 2017 को पंजाब के लिए प्रथम श्रेणी (रणजी ट्रॉफी) में पदार्पण किया 2024 में उन्होंने डेब्यू किया और उसके बाद लगातार टीम इंडिया में अपनी जगह बनाई। चार साल की उम्र से क्रिकेट के प्रति रुझान चार साल के थे तब से उन्होंने क्रिकेट के प्रति रुझान दिखा दिया था। उनके खेल…

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Happy Birthday इशांत शर्मा

इशांत शर्मा: रफ्तार, जुनून और 311 विकेट आज क्रिकेटर इशांत शर्मा का जन्मदिन है। इशांत शर्मा: दिल्ली की गलियों से लॉर्ड्स तक… एक लंबी कद-काठी… बॉलीवुड स्टार जैसी पर्सनैलिटी… और हाथ में वो गेंद, जिसने दुनिया के कई बड़े बल्लेबाजों को परेशान किया – नाम है… इशांत शर्मा। 2 सितंबर 1988 को दिल्ली में जन्मे इशांत ने बहुत कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा। लंबा कद, तेज रफ्तार और गेंद को पिच से उछालने की काबिलियत… यही उनकी पहचान बनने लगी। सिर्फ 18 साल की उम्र में, साल 2007 में इशांत ने भारत के लिए अपना टेस्ट डेब्यू किया। शुरुआत आसान नहीं थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव था, सामने दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज थे… लेकिन इशांत के पास था एक अलहदा स्टाइल… उनकी तेज गेंदबाजी और उछाल। तेज क्रिकेट की दुनिया में गेंदबाजों को उनके स्टाइल, पैशन और ऊर्जा से जाना जाता रहा है। ऐसे में जब इशांत आए तो इंडियन फैंस भी उनमें एक जबरदस्त तेज गेंदबाज को देख रहे थे। Charcha Connect on Facebook – https://www.facebook.com/share/p/1JPXipL4Yc https://www.instagram.com/p/DcxnrSaIfzB धीरे-धीरे इस युवा गेंदबाज पर भारतीय टेस्ट टीम का भरोसा बढ़ता चला गया। लेकिन इशांत शर्मा के…

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LIC Celebrates 70 years of Trust

LIC 70th Anniversary – LIC DAY The Life Insurance Corporation of India (LIC), the country’s leading life insurer and a financial institution of national significance, is proudly celebrating its 70th Anniversary on 1st September 2026. From its establishment on 1st September, 1956, with the objective of spreading life insurance widely across the country and providing financial protection at a reasonable cost, LIC has completed seven decades of a remarkable journey built on trust, service, financial strength and an unwavering commitment to the people of India. LIC continues to sustain its Leadership position in the market with 65.16% market share in policies and 56.66% market share in First Year Premium Income in the financial year 2025-26. Total AUM increased by 5.08% to ₹ 57.29 Lakh Crore.  Despite the opening of the insurance sector to private participation, LIC has retained its position as India’s largest life insurer, supported by its extensive network of branches, agents and digital platforms. It offers a wide range of life insurance, pension and market-linked products to meet the diverse financial needs of individuals and families. A major milestone in LIC’s journey was its IPO in May…

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शहीद शिवराम राजगुरु

शहीद शिवराम राजगुरु जी का नाम भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल है। उन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। राजगुरु जी का जन्म 24 अगस्त 1908 महाराष्ट्र के पुणे जिले में हुआ था। उनका जन्मस्थान आज राजगुरुनगर के नाम से प्रसिद्ध है। बचपन से देशभक्ति बाल्यकाल से ही राजगुरु के मन में देशभक्ति के प्रति लगाव था। युवावस्था में ही वे स्वतंत्रता आंदोलन की कठिन राह पर चल पड़े । वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़ गए और महान क्रांतिकारी सुखदेव एवं भगत सिंह के नजदीक आए। महान क्रांतिकारी शहीद राजगुरु जी को कोटि-कोटि नमन – भावपूर्ण श्रद्धांजलि देश की स्वतंत्रता का सपना उनका उद्देश्य केवल अंग्रेज़ी शासन के खिलाफ विद्रोह में शामिल होना नहीं था। उन्होंने देश की पूर्ण स्वतंत्रता का सपना देखा था। राजगुरु एक निर्भीक क्रांतिकारी थे। उन्होंने जीवन के शुरुआती दौर में ही अपना जीवन मातृभूमि के नाम कर दिया था। लाला लाजपत राय की शहादत का बदला जब 1928 में लाला लाजपत राय अंग्रेज़ों की लाठी से घायल हुए और इसी लाठीचार्ज के कारण उनकी मृत्यु हुई, तब क्रांतिकारियों ने अंग्रेज़ी शासन की क्रूरता मानते हुए इसका बदला लेने…

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राजीव गांधी: दूरदर्शी नेतृत्व और कंप्यूटर-तकनीक की नींव

राजीव गांधी “India missed the Industrial Revolution; it cannot afford to miss the Computer Revolution.” Rajiv Gandhi आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्री राजीव गांधी की जयंती पर हम उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन  करते हैं। राजीव गांधी जी का नाम भारत में कंप्यूटर क्रांति, तकनीकी बदलाव, सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार के विस्तार के अध्याय के आरम्भ से जुड़ा है। अपने दूरदर्शी नेतृत्व में उन्होंने यह समझा कि भविष्य में विज्ञान और तकनीक भारत की प्रगति में ,महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनके प्रयासों ने देश में आधुनिक तकनीक के लिए नई सोच और नई संभावनाओं का रास्ता खोला। भारत में कंप्यूटर, कंप्यूटर क्रांति और सूचना प्रौद्योगिकी भारत में कंप्यूटर, कंप्यूटर क्रांति और सूचना प्रौद्योगिकी के विकास की बात होती है तो पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी जी के दौर का जिक्र जरूर आता है। आज कंप्यूटर और तकनीक हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं, लेकिन 1980 के दशक में स्थिति बिल्कुल अलग थी। उस समय कंप्यूटर आम लोगों के लिए नई और कुछ हद तक अनजानी चीज थी। राजीव गांधी जी ने उस समय यह समझने की कोशिश की कि आने वाले वर्षों में तकनीक भारत…

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अदम्य संघर्ष

नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास महान व्यक्तित्वों के संघर्ष से मिलकर बना है। इन विभूतियों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का विशेष स्थान है, जिन्होंने अंग्रेजी शासन का विरोध पूरी दृढ़ता से किया। उन्होंने अपने जीवन की सुविधाओं और सफल करियर को तिलांजलि देकर देश की स्वतंत्रता को अपने जीवन का एकमात्र लक्ष्य बना लिया। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक, ओडिशा में हुआ था। उनके पिता जानकीनाथ बोस और माता प्रभावती देवी थीं। उनका बचपन अनुशासन और उच्च शिक्षा के वातावरण में बीता। वे पढ़ाई में बहुत प्रतिभाशाली और ओजस्वी छात्र थे तथा शुरू से ही अपने देश और समाज के प्रति गहरी संवेदनशीलता रखते थे। उन्होंने रेवेनशॉ कॉलेजिएट स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड गए, जहाँ उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अध्ययन किया। इसी दौरान उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय सिविल सेवा (ICS) की परीक्षा में भाग लिया। ICS से इस्तीफा और स्वतंत्रता आंदोलन में प्रवेश वर्ष 1920 में सुभाष जी ने ICS परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त किया, जो उस समय अत्यंत प्रतिष्ठित माना जाता था।…

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