National Engineering Employees Union TRIO FEST – 2024
National Engineering Employees Union TRIO FEST – 2024 May 01st 2024 – under the esteemed patronage of INTUC President, Dr. G Sanjeeva Reddy Ji, the National Engineering Employees Union (NEEU) joyously commemorated “Trio Fest” (Mupperum Vizha) at SJS Marriage Hall – Sholingur, on May 01st 2024 in order to commemorate three major events such as International May Day (Labour Day), foundation day on May 03rd of All India INTUC and NEEU Founder’ Birthday on May 06th. Led by the visionary President, Dr. P Srinivasan, the event witnessed enthusiastic participation from union office bearers, Committee members, 2500 employees and all senior officials of Brakes India Pvt Ltd, Mr. Munirathna Muthalaiyar, MLA, and Sholingur participated in the program and delivered special address to the gathering. The festivities commenced with a poignant reminder of road safety, as Dr. P Srinivasan led a two Wheeler rally, from Sholingur hanuman Temple to the venue, emphasizing the paramount importance of wearing helmets, in between the rally Mr P Srinivasan, President, NEEU garlanded the Gandhi Statue, there are about 500 employees took part in the rally This symbolic gesture aimed to instill a culture of safety…
Read moreश्रमिक दिवस 2024 International Labour Day
श्रमिक दिवस 2024 International Labour Day मई दिवस, श्रमिक दिवस 1 मई 1889 का दिन, श्रमिक दिवस जिसे श्रम दिवस या कामगार दिवस के नाम से भी जाना जाता है का एक विस्तृत इतिहास है। श्रमिक दिवस (Labor Day 2024) को मनाने की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका में की गई थी। इसके बाद दुनियाभर के देशों में श्रमिक दिवस को अलग-अलग दिन मनाए जाने की शुरुआत की गई। हर एक देश का मजदूर दिवस मनाने का अपना अलग तरीका है कईं देशों में तो इस दिन सरकारी अवकाश भी घोषित किए जाते हैं। अमेरिका, भारत, फ्रांस, जापान, चीन, जिम्बाब्वे और तंजानिया समेत कई देश मानते हैं, तो चलिए जानते हैं आखिर कैसे हुई मजदूर दिवस को मानने की शुरुआत और क्या है इसके पीछे की कहानी……. मजदुर दिवस की शुरुआत मज़दूरों के काम को पहचान देने, उन्हें उचित अधिकार देने और शोषण से बचाने के लिए की गई थी। इससे पहले मजदूरों को 15 घंटे काम करना पड़ता था जिसके विरोध में शिकागो के अंदर हजारों मजदूरों ने 1 मई 1886 को हड़ताल करते हुए दिन के आठ घंटे का कार्यदिवस मांगा। जिसके जवाब में मजदूरों की समस्याओं का…
Read moreNew Executive Committee of All India NTPC Workers Federation Formed
New Executive Committee of All India NTPC Workers Federation Formed Source The Indian Worker : The 6th All India NTPC Workers Federation (INTUC) Meeting was held at NTPC Mouda, Nagpur on 11th & 12th March, 2024. The new executive of INTUC affiliated All India NTPC Workers Federation was constituted. In which the responsibility of National President Babar Salim Pasa and National General Secretary was handed over to K P Chandravanshi. National INTUC President Dr G Sanjeeva Reddy will be the NTPC INTUC Federation Patron. In the sixth national convention and working committee meeting of All India NTPC Workers Federation, it was decided to find a solution to all the problems of the employees by discussing with the management by mid-April. Besides, proposals regarding furniture buyback, laptop, promotion policy, stagnation in SG grade and recruitment of new NTPC employees were also passed. Officials of INTUC Federation of more than 20 projects of NTPC participated in this meeting organized at NTPC’s Mauda Maharashtra. In the national convention, all the pending issues of the employees were discussed in depth and the resolution was passed. Mainly in this, at the time of recruitment…
Read moreछत्तीसगढ़ प्रदेश इंटक कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न
श्रमिक हितों को बचाने के लिए प्रस्ताव पारित छत्तीसगढ़ प्रदेश इंटक कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न छत्तीसगढ़ प्रदेश इंटक की 44वीं कार्यकारिणी की बैठक गत 30 मार्च को एसएनजी विद्यापीठ सेक्टर 4, भिलाई में आयोजित हुई। इंटक के राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश इंटक के अध्यक्ष डॉ संजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। स्वागत भाषण में स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक के अध्यक्ष संजय कुमार साहू ने बैठक के आयोजन के लिए स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक भिलाई का आभार व्यक्त किया। कार्यकारिणी की बैठक में श्रमिकों के हितों को बचाने के लिए उद्योगों में ठेका प्रथा को सरकार द्वारा बढ़ाने, नियमित कर्मचारियों की भर्ती नहीं करने, आने वाले समय में ठेका श्रमिकों को संगठित कर उनको समान काम समान वेतन दिलाने, स्थाई प्रकृति के कार्य को लगातार ठेका श्रमिकों से करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले, जिसमें महानदी कोल फील्ड्स में ठेका श्रमिकों को नियमित किया गया है। इस प्रकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में स्थाई प्रकृति में कार्य करने वाले ठेका श्रमिकों नियमित करने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का संकल्प पारित किया गया । पेंशन को 9000 रुपए प्रति माह तक बढ़ाया जाए तथा…
Read moreट्रेड यूनियन के विषय में गाँधी जी के विचार
ट्रेड यूनियन का विचार निश्चित रूप से यूरोप से आया, ऐसा इसलिए था क्योंकि यूरोप में सबसे पहले औद्योगिक क्रांति हुई थी, लेकिन गांधीजी ट्रेड यूनियन गतिविधियों को नैतिक आधार देने वाले पहले व्यक्ति थे, उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन का उद्देश्य सेवा करना होना चाहिए। श्रमिक वर्ग के लिए न्याय सुनिश्चित करना और उन्हें सच्चा नागरिक बनाना ट्रेड यूनियन का उद्देश्य होना चाहिए गांधीजी के लिए ट्रेड यूनियन गतिविधियाँ श्रमिकों के व्यक्तित्व के पूर्ण विकास का एक और विचार था। :स्रोत इंटक 50 इयर्स महात्मा गांधी जी का श्रमिकों व् किसानों के उत्थान के लिए अविस्मरणीय योगदान रहा। गांधीजी के नेतृत्व में बिहार के चंपारण जिले में सन 1919 में एक बड़ा सत्याग्रह हुआ वहां पर नील की खेती करने वाले किसानों की स्थिति दयनीय थी। अंग्रेजों के राज में उनका शोषण हो रहा था इसके विरुद्ध उन्होंने सत्याग्रह किया। गांधी जी के विचार व सिद्धांत पूर्णतया अहिंसा पर आधारित थे। ट्रेड यूनियन एवं श्रमिकों के उत्थान के परिपेक्ष में भी उन्होंने राह दिखाई। समय बदला साथ-साथ ट्रेड यूनियन एवं उनके आंदोलन के स्वरूप में कई बार बदलाव आए परंतु उनके सिद्धांत आज भी हमें रास्ता दिखाते हैं…
Read moreट्रेड यूनियन एकीकरण की आवश्यकता
तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम कार्यकर्ताओं की बैठक श्रमिक संगठन इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ जी संजीव रेड्डी ने हैदराबाद स्थित सुंदरिया विज्ञान केंद्र में आयोजित तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम कार्यकर्ताओं की बैठक में संबोधित करते हुए कहां के हाल के वर्षों में भारत में ट्रेड यूनियन का एकीकरण श्रमिक आंदोलन पर परिदृस्य में एक महत्वपूर्ण विकास रहा है। परंपरागत रूप से भारत में बहुत सारी ट्रेड यूनियन रही हैं जो अक्सर वैचारिक या औद्योगिक आधार पर विभाजित होती हैं हालांकि एकता के कई कारणों से एकीकरण पर जोर दिया गया है। ट्रेड यूनियनों ने नियुक्ताओं और सरकार के सामने एक एकीकृत मोर्चा पेश करने के महत्व को तेजी से महसूस किया है। अपने प्रयासों को मजबूत करके उनका लक्ष्य कई छोटे और मध्यम आकार के ट्रेड यूनियन के साथ विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिकों के अधिकारों और ही तो बेहतर रक्षा करना है, और एकीकरण श्रमिकों के बेहतर समन्वय और अधिक कुशल प्रतिनिधित्व की अनुमति देता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उनकी चिताओं को व्यापक रूप से संबोधित किया जाता है । जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक विचार के साथ अधिक एकीकृत होती…
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