इंटक का स्थापना दिवस-एक नजर इंटक के इतिहास पर

इंटक का स्थापना दिवस- एक नजर इंटक के इतिहास पर केंद्रीय ट्रेड यूनियन इंटक की स्थापना 3 मई 1947 को हुई थीं , इंटक के कार्यकर्ता इंटक का स्थापना दिवस मना रहे हैं । नजर डालते हैं इंटक के इतिहास पर, क्या मुद्दे हैं क्या सफर रहा ट्रेड यूनियन संगठन इंटक का। इंटक की स्थापना – 3 मई 1947 वर्तमान अध्यक्ष – डा. जी संजीवा रेड्डी, पूर्व राज्य सभा सांसद मुख्यालय – नई दिल्ली कृपाशंकर वर्मा, इंटक के राष्ट्रीय सचिव का इंडियन वर्कर में लेख जो प्रकाश डालता हैं इंटक के इतिहास पर “हमें आवश्यकता थी एक ऐसे संगठन की जो यहां के श्रमिक वर्ग को सही दिशा दे और प्रयास करे जिससे सामाजिक न्याय, शांति एवं सुरक्षा की संभावना बनी रहे। उसकी कार्यप्रणाली और संविधान अनिवार्य रूप से प्रजातांत्रिक हो जिसमें उसके प्रत्येक घटक को खुली अभिव्यक्ति होगी। ऐसी स्थिति में अपने विचार और कार्यकलाप सही ढंग से करसकेंगे। ये शब्द थे भारत की एकता के निर्माता लौह पुरुष सरकार वल्लभ भाई पटेल के। ‘स्थापना के समय का घटनाक्रम’- यह विचार उन्हाेंने अपने अध्यक्षीय भाषण में उस अवसर पर रखे थे जिसमें राष्ट्रीय नेता, पंडित जवाहरलाल नेहरू, शंकर…

Read more

श्रमिक दिवस 2024 International Labour Day

श्रमिक दिवस 2024 International Labour Day मई दिवस, श्रमिक दिवस 1 मई 1889 का दिन, श्रमिक दिवस जिसे श्रम दिवस या कामगार दिवस के नाम से भी जाना जाता है का एक विस्तृत इतिहास है। श्रमिक दिवस (Labor Day 2024) को मनाने की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका में की गई थी। इसके बाद दुनियाभर के देशों में श्रमिक दिवस को अलग-अलग दिन मनाए जाने की शुरुआत की गई। हर एक देश का मजदूर दिवस मनाने का अपना अलग तरीका है कईं देशों में तो इस दिन सरकारी अवकाश भी घोषित किए जाते हैं। अमेरिका, भारत, फ्रांस, जापान, चीन, जिम्बाब्वे और तंजानिया समेत कई देश मानते हैं, तो चलिए जानते हैं आखिर कैसे हुई मजदूर दिवस को मानने की शुरुआत और क्या है इसके पीछे की कहानी……. मजदुर दिवस की शुरुआत मज़दूरों के काम को पहचान देने, उन्हें उचित अधिकार देने और शोषण से बचाने के लिए की गई थी। इससे पहले मजदूरों को 15 घंटे काम करना पड़ता था जिसके विरोध में शिकागो के अंदर हजारों मजदूरों ने 1 मई 1886 को हड़ताल करते हुए दिन के आठ घंटे का कार्यदिवस मांगा। जिसके जवाब में मजदूरों की समस्याओं का…

Read more

New Executive Committee of All India NTPC Workers Federation Formed

New Executive Committee of All India NTPC Workers Federation Formed Source The Indian Worker : The 6th All India NTPC Workers Federation (INTUC) Meeting was held at NTPC Mouda, Nagpur on 11th & 12th March, 2024. The new executive of INTUC affiliated All India NTPC Workers Federation was constituted. In which the responsibility of National President Babar Salim Pasa and National General Secretary was handed over to K P Chandravanshi. National INTUC President Dr G Sanjeeva Reddy will be the NTPC INTUC Federation Patron. In the sixth national convention and working committee meeting of All India NTPC Workers Federation, it was decided to find a solution to all the problems of the employees by discussing with the management by mid-April. Besides, proposals regarding furniture buyback, laptop, promotion policy, stagnation in SG grade and recruitment of new NTPC employees were also passed. Officials of INTUC Federation of more than 20 projects of NTPC participated in this meeting organized at NTPC’s Mauda Maharashtra. In the national convention, all the pending issues of the employees were discussed in depth and the resolution was passed. Mainly in this, at the time of recruitment…

Read more

ट्रेड यूनियन एकीकरण की आवश्यकता

तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम कार्यकर्ताओं की बैठक श्रमिक संगठन इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ जी संजीव रेड्डी ने हैदराबाद स्थित सुंदरिया विज्ञान केंद्र में आयोजित तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम कार्यकर्ताओं की बैठक में संबोधित करते हुए कहां के हाल के वर्षों में भारत में ट्रेड यूनियन का एकीकरण श्रमिक आंदोलन पर परिदृस्य में एक महत्वपूर्ण विकास रहा है। परंपरागत रूप से भारत में बहुत सारी ट्रेड यूनियन रही हैं जो अक्सर वैचारिक या औद्योगिक आधार पर विभाजित होती हैं हालांकि एकता के कई कारणों से एकीकरण पर जोर दिया गया है। ट्रेड यूनियनों ने नियुक्ताओं और सरकार के सामने एक एकीकृत मोर्चा पेश करने के महत्व को तेजी से महसूस किया है। अपने प्रयासों को मजबूत करके उनका लक्ष्य कई छोटे और मध्यम आकार के ट्रेड यूनियन के साथ विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिकों के अधिकारों और ही तो बेहतर रक्षा करना है, और एकीकरण श्रमिकों के बेहतर समन्वय और अधिक कुशल प्रतिनिधित्व की अनुमति देता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उनकी चिताओं को व्यापक रूप से संबोधित किया जाता है । जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक विचार के साथ अधिक एकीकृत होती…

Read more