ट्रेड यूनियन के विषय में गाँधी जी के विचार
ट्रेड यूनियन का विचार निश्चित रूप से यूरोप से आया, ऐसा इसलिए था क्योंकि यूरोप में सबसे पहले औद्योगिक क्रांति हुई थी, लेकिन गांधीजी ट्रेड यूनियन गतिविधियों को नैतिक आधार देने वाले पहले व्यक्ति थे, उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन का उद्देश्य सेवा करना होना चाहिए। श्रमिक वर्ग के लिए न्याय सुनिश्चित करना और उन्हें सच्चा नागरिक बनाना ट्रेड यूनियन का उद्देश्य होना चाहिए गांधीजी के लिए ट्रेड यूनियन गतिविधियाँ श्रमिकों के व्यक्तित्व के पूर्ण विकास का एक और विचार था। :स्रोत इंटक 50 इयर्स महात्मा गांधी जी का श्रमिकों व् किसानों के उत्थान के लिए अविस्मरणीय योगदान रहा। गांधीजी के नेतृत्व में बिहार के चंपारण जिले में सन 1919 में एक बड़ा सत्याग्रह हुआ वहां पर नील की खेती करने वाले किसानों की स्थिति दयनीय थी। अंग्रेजों के राज में उनका शोषण हो रहा था इसके विरुद्ध उन्होंने सत्याग्रह किया। गांधी जी के विचार व सिद्धांत पूर्णतया अहिंसा पर आधारित थे। ट्रेड यूनियन एवं श्रमिकों के उत्थान के परिपेक्ष में भी उन्होंने राह दिखाई। समय बदला साथ-साथ ट्रेड यूनियन एवं उनके आंदोलन के स्वरूप में कई बार बदलाव आए परंतु उनके सिद्धांत आज भी हमें रास्ता दिखाते हैं…
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