लड़ते हुए शहीद हो गए थे चंद्रशेखर आजाद
27 फरवरी का दिन था जिस समय चंद्रशेखर आजाद अल्फ्रेड पार्क में अपने क्रांतिकारियों साथियो के साथ योजना पर विचार विमर्श कर रहे थे वहीँ उससे पहले अंग्रजो को इसकी खबर भी थी। अंग्रेजो ने वहां घेरा डाल दिया आजाद ने सबसे पहले अपने साथियो को बचाते हुए उन्हें वहां से जाने को कहाँ और अकेले ही मुकाबला करने लगे । आखिर में जैसा की उनका संकल्प था की अंग्रेज उन्हें जीवित नहीं पकड़ सकेंगे उन्होंने आखरी बची गोली से खुद का जीवन न्यौछावर कर दिया ।
शत शत नमन महान क्रन्तिकारी चंद्रशेखर आजाद जी को ।








