- वर्तमान में महंगाई को देखते हुए दिल्ली सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी में नाम मात्र की बढ़ोतरी मजदूरो के साथ एक प्रकार का छलावा है।
- दूसरी बात यह भी कड़वी सच्चाई है की सरकार द्वारा घोषित/निर्धारित minimum wages किसी भी कर्मचारी को किसी भी संस्थान या कंपनी द्वारा प्रदान नही किया जाता। यहां तक की सरकारी विभाग में कार्यरत कर्मचारीयो को भी नही मिलता।
- सरकार को चाहिये की इसको लागू करवाने के तन्त्र को मजबूत करे । मिनिमम वेज नही देने वालो के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करे।
- तीसरी बात वर्तमान महंगाई को देखते हुए कम से कम 25 हजार रुपये महीना मिनिमम वेज होना चाहिये।यह श्रमिक संगठनो की भी मांग है।






