श्रमिक हितों को बचाने के लिए प्रस्ताव पारित
छत्तीसगढ़ प्रदेश इंटक कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न
छत्तीसगढ़ प्रदेश इंटक की 44वीं कार्यकारिणी की बैठक गत 30 मार्च को एसएनजी विद्यापीठ सेक्टर 4, भिलाई में आयोजित हुई। इंटक के राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश इंटक के अध्यक्ष डॉ संजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। स्वागत भाषण में स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक के अध्यक्ष संजय कुमार साहू ने बैठक के आयोजन के लिए स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक भिलाई का आभार व्यक्त किया।
कार्यकारिणी की बैठक में श्रमिकों के हितों को बचाने के लिए उद्योगों में ठेका प्रथा को सरकार द्वारा बढ़ाने, नियमित कर्मचारियों की भर्ती नहीं करने, आने वाले समय में ठेका श्रमिकों को संगठित कर उनको समान काम समान वेतन दिलाने, स्थाई प्रकृति के कार्य को लगातार ठेका श्रमिकों से करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले, जिसमें महानदी कोल फील्ड्स में ठेका श्रमिकों को नियमित किया गया है। इस प्रकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में स्थाई प्रकृति में कार्य करने वाले ठेका श्रमिकों नियमित करने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का संकल्प पारित किया गया ।

पेंशन को 9000 रुपए प्रति माह तक बढ़ाया जाए तथा इसे महंगाई भत्ते के साथ में जोड़ा जाए। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश और निजीकरण का विरोध किया जाएगा। मनरेगा को सुदृढ़ बनाते हुए प्रति व्यक्ति साल में 200 दिन का रोजगार एवं प्रतिदिन 600 रुपए की मजदूरी तय किया जाए। बोनस की सीलिंग समाप्त हो, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं निजी उद्योगों में बोनस की सीलिंग को समाप्त किया जाए एवं लाभ में श्रमिकों को भागीदारी दी जाए। सभी उद्योगों में न्यूनतम वेतन 26000 रुपया प्रतिमाह निधारित किया जाए। ठेका प्रथा को समाप्त कर वेतन एवं सेवा शर्तों को सम्मान किया जाए। असंगठित क्षेत्र जैसे आशा कार्यकर्ता आंगनवाड़ी, मध्यानभोजन कार्यकर्ता गिग वर्कर्स आदि के लिए नई यूनियन का गठन कर उनको इंटक के झंडे तले संगठित किए जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। स्वास्थ्य के लिए बने कानून का कार्य स्थलों पर कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार विशेष भर्ती अभियान चलाकर सभी स्वीकृत एवं रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती सुनिश्चित करें। ठेका श्रमिकों के लिए एक नीति निर्धारण सेल में सभी यूनिटों को मिलाकर के ठेका श्रमिकों के लिए एक नीति निर्धारण बनाकर श्रमिकों को न्याय दिलाने के लिए प्रयास करने का निर्णय लिया गया।
इंटक के राष्ट्रीय महासचिव डा. संजयकुमार सिंह के अध्यक्षता में सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पास किया गया।
संजय कुमार सिंह जो की इंटक के राष्ट्रीय महासचिव हैं तथा कई ट्रेड यूनियन संगठनों के नेता हैं डा संजय कुमार सिंह जो की इंटक के महासचिव हैं अभी हाल ही में उन्हें प्रकाश इम्पलाइज यूनियन संबंधित (इंटक) के त्रिवार्षिक अधिवेशन में नौंवी बार महासचिव चुना गया सिंह दशकों से इंटक के बिभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं।
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सेल के वेतन निर्धारण पर भी चर्चा आने वाले समय में सेल में वेतन निर्धारण के विलंब पर भी चिंता व्यक्त की गई एवं जल्द से जल्द राष्ट्रीय अध्यक्ष इंटक डॉ जी संजीवा रेड्डी के मार्गदर्शन में 39 महीने का एरियर एवं अन्य बकाया, मुद्दों को पूर्ण कराने का दावा किया गया। कोयला, रेलवे,बिजली और माइंस में श्रमिकों के बेहतरी के लिए संगठन को और मजबूत कर अधिक से अधिक उन्हें सुविधाएं दिलाई जाएगी एवं ठेका श्रमिकों के लिए वेतन एवं सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए एक कमेटी बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्धारण बनाई जाएगी।
संचालन छत्तीसगढ़ प्रदेश इंटक के मुख्य महासचिव आशीष यादव ने किया एवं आभार प्रदर्शन स्टील ठेका श्रमिक यूनियन के उपाध्यक्ष सी- पी- वर्मा ने किया। कार्यक्रम में भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव के प्रतिनिधि के रूप में विधायक प्रतिनिधि राजेंद्र परगनिया भी उपस्थित थे।
:इंटक एक केंद्रीय श्रम संगठन हैं जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में हैं। चर्चा कनेक्ट
बैठक में प्रदेश इंटक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामअवतार अलगमकर, पीयूषकर, एस के बघेल, गोपाल नारायण सिंह, शिवदयाल कर्ष, समीर पांडे, आरसी मिश्रा, जयप्रकाश यादव, अभय सिंह, संजय कुमार साहू, वंश बहादुर सिंह,कुसुम द्विवेदी, कोषाध्यक्ष तापसदत्ता,वरिष्ठ सचिव चंद्रशेऽर सिंह, आर के सिंह, जीके चंद्रवंशी, दुर्ग जिला के अध्यक्ष पूरन वर्मा, एवं प्रदेश के पदाधिकारी एवं जिला अध्यक्ष मंगल सिंह, अजय यादव, डॉ राजपूत एवं कोल माइंस, मेटल माइंस, बालको,एनटीपीसी, मेटल माइंस बचेली,प्रकाश स्पंज आयरन, स्टील एम्पलाई यूनियन इंटक भिलाई एवं स्टील ठेका श्रमिक यूनियन के दीनानाथ सिंह, मनोहर लाल, आर दिनेश, सुरेश, श्याम कुमार, गुलाब दास, गुरुदेव साहू, जसबीर सिंह, रिऽीराम साहू, सुरेश दास, कान्हा राम, दमन लाल, नारायण साहू एवं कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित थे।
अभी हाल ही में डॉ- जी संजीवा रेड्डी ने कहा था कि इंटक हमेशा श्रमिक हकों के लिए तत्पर है। इंटक श्रमिकों को वेतन, बोनसतथा सामाजिक सुरक्षा दिलाने क लिए बाध्य है और हमेशा मजदूरों की भलाई के साथ उनके साथ खड़ी है। डॉ- रेड्डी ने कहा कि कर्मचारियों के कल्याण हेतु प्रबंधन के साथ ठोस तर्क एवं तर्कपूर्ण बातचीत के द्वारा की जा सकती है
दी इंडियन वर्कर






