एनबीसीसी और हडको ने शहरी विकास तथा अवसंरचना को बढ़ावा देने हेतु सहयोग करने पर हस्ताक्षर किया

एनबीसीसी और हडको ने शहरी विकास तथा अवसंरचना को बढ़ावा देने हेतु सहयोग करने पर हस्ताक्षर किया

प्रेस रिलीज के मुताबिक – अवसंरचना के विकास तथा शहरी पुनर्नवीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड, नवरत्न सीपीएसई, ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हडको) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी में प्रवेश किया है। सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण विभिन्न क्षेत्रों में सहयोगात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण क्षण को चिह्नित करते हुए दोनों संस्थाओं के बीच 3 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
दोनों संगठनों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री के.पी. महादेवास्वामी तथा हडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री संजय कुलश्रेष्ठ की उपस्थिति में समझौता ज्ञापनों को औपचारिक रूप दिया गया। समावेशी विकास को आगे बढ़ाने एवं भारत के शहरी परिदृश्य को बदलने के साझा लक्ष्य को इनके दूरदर्शी नेतृत्व और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता इससे प्रदर्शित होती है।
परामर्श/शुल्क आधारित परियोजनाएँ
यह समझौता ज्ञापन आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत तथा किफायती आवास परियोजनाओं सहित प्रमुख क्षेत्रों में परामर्श/शुल्क-आधारित परियोजनाएं शुरू करने के लिए एनबीसीसी और हडको की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। शहरी समुदायों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने वाले उच्च गुणवत्ता वाले, संधारणीय अवसंरचना के समाधान प्रदान करने के लिए इस सहयोग का उद्देश्य दोनों कंपनियों की सामूहिक विशेषज्ञता का उपयोग करना है।
सीएसआर
इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत, एनबीसीसी और हडको ने पहचाने गए विकास और निर्माण परियोजनाओं पर प्राथमिक ध्यान देने के साथ निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) प्रयासों को आगे बढ़ाने पर काम करने की योजना बनाई है। इस सहयोग में गतिविधियों के व्यापक पहुँच, जिसमें वित्तपोषण, डिजाइन, निर्माण तथा आवश्यक सामग्रियों और उपस्करों की अधिप्राप्ति शामिल है। इस साझेदारी के माध्यम से, एनबीसीसी और हडको का लक्ष्य शहरी समाजों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए संधारणीय अवसंरचना की पहल को साकार करने के अपने प्रयासों में तालमेल बिठाना है।
परिसंपत्ति मुद्रीकरण
परिसंपत्ति मुद्रीकरण गतिविधियों पर परिसंपत्ति के उपयोग को अनुकूलित करने और आर्थिक विकास के अभियान को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस प्रयास के रूप में भी एनबीसीसी और हडको सहयोग करेंगे। यह रणनीतिक साझेदारी मजबूत मुद्रीकरण रणनीतियों को तैयार करने, तकनीकी-आर्थिक साध्यता अध्ययन आयोजित करने और एंड-टू-एंड लेन-देन सलाहकार सेवाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) जैसे नवोन्मेषी प्रभावन क्षमता की पहुंच का लाभ उठाते हुए, दोनों कंपनियों का लक्ष्य सार्वजनिक और निजी परिसंपत्ति के सही मूल्य का आंकलन करना है, जिससे आर्थिक समृद्धि और संधारणीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
एनबीसीसी और हडको के बीच यह सहयोगात्मक प्रयास प्रभावन क्षमता का लाभ उठाने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा संधारणीय विकास के अभियान को बढ़ावा देने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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