हैदराबाद: राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ- जी संजीवा रेड्डी ने मोदी सरकार पर जनविरोधी होने का आरोप मढ़ते हुए रिटायर्ड कर्मियों की पेंशन राशि को जीवन निर्वाह की सुगमता तक बढ़ाने की मांग की है। सेवानिवृति बाद जीवन निर्वाह हेतु समुचित पेंशन कामगार वर्ग का मौलिक हक है।
डॉ- रेड्डी ने कहा कि भारत में समुचित सामाजिक सुरक्षा के प्रावधान न होने की वजह से वृद्धों का जीवन दूभर हो रहा है। उन्होंने नियमित अंतराल पर घोषित महंगाई भत्ते के साथ न्यूनतम मासिक ईपीएस पेंशन मौजूदा 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग रखी। ज्ञात हो कर्मचारी पेंशन योजना 1995 या -95 सेवानिवृत्ति निधि निकाय ईपीएफओ द्वारा चलाया जाता है, जिसमें छह करोड़ से अधिक ग्राहक और 75 लाख से अधिक पेंशनभोगी लाभार्थी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ईपीएस-95 पेंशनभोगियों की पेंशन की बहुत कम राशि और चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण मृत्यु दर में वृद्धि हो रही है। इंटक प्रमुख ने ईपीएस-95 के कवरेज को अन्य सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को विस्तारित करने की भी मांग की, जिन्हें योजना में शामिल नहीं किया गया है।
श्रमिक संगठन कर रहे है पुरानी पेंशन बहाली की मांग श्रमिक संगठन भी एक लंबे अरसे से पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। कुछ राज्य सरकारों ने श्रमिकों की मांग को देखते हुए एनपीएस को रद्द कर ओपीएस लागू करने का निर्णय किया है। केंद्र सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़ते हुए पूरे देश में पुरानी पेंशन को बहाल करना होगा। सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि जिस श्रमिक वर्ग को वह दायित्व या बोझ समझती है, उसका देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।
दी इंडियन वर्कर से








