रेड क्रास डे का क्या महत्व है

रेड क्रास डे का महत्व

आज के आर्टिकल में हम रेड क्रास डे के बारे में बात करने जा रहे हैं। जहां हम रेड क्रॉस का इतिहास, और इसके महत्व के बारे में जानेंगे। रेड क्रॉस सोसाइटी की शाखाएं विश्वभर के 180 से भी देशों में फैली हुई हैं जो महामारी या किसी भी प्राकृतिक आपदा जैसे मुश्किल और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की मदद करती हैं। चलिए जानते हैं रेड क्रॉस सोसाइटी के बारे में, कैसे हुई इसकी शुरुआत और क्या है इसका इतिहास…

रेड क्रॉस सोसाइटी क्या है

रेड क्रॉस एक अंतराष्ट्रीय सोसाइटी हैं और इसके संस्थापक हेनरी ड्यूरेंट हैं। प्रथम विश्व युद्ध में हुए भयंकर नर संहार के बाद सन 1919 में रेड क्रॉस सोसाइटी या रेड क्रिसेंट सोसाइटी की स्थापना की गई। वर्तमान में रेड क्रॉस अंतर्राष्ट्रीय समिति की  शाखाएं पूरी दुनियां में फैली हुई हैं। यह समिति निस्वार्थ भाव और बिना किसी पक्षपात के प्राकृतिक आपदा, ऐसी ही आपातकालीन परिस्थितियों में मानव जाति की सेवा करती है।  सबसे पहला रेड क्रॉस डे साल 1919 में बनाया गया था। क्योंकि हेनरी ड्यूरेंट इस सोसाइटी की शुरुआत की थी इसलिए उनके जन्मदिवस यानी की 8 मई को रेड क्रॉस डे मनाया जाता है।

विश्व रेड क्रॉस डे का इतिहास

रेड क्रॉस डे को मानने का प्रस्ताव सबसे पहली बार 1933 में जापान के टोक्यो में आयोजित एक इंटरनेशनल रेड क्रॉस सम्मेलन के द्वारा दिया गया था। इस प्रस्ताव को देने के पीछे का कारण हेनरी ड्यूनेंट को सम्मान देना और विश्व भर में रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रति जानकारी बढ़ाना था। सन 1859 में हेनरी डुनांट ने सोलफेरिनो के युद्ध में घायल हुए सैनिकों की मदद की। यहीं नहीं उन्होंने राजनीतिक नेताओं को भी युद्ध पीड़ितों के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया। हेनरी को अपने कार्यों के लिए 3 बार नोबेल पुरुस्कार भी मिला है।

रेड क्रॉस का उद्देश्य

विश्व रेड क्रॉस एक ऐसा ग्लोबल ह्यूमैनिटेरियन नेटवर्क है जो करीब 180 से भी ज्यादा देशों में फैला हुआ है। यह संस्थान प्राकृतिक आपदा, अपातकालीन स्थितियों और युद्ध संकट जैसी परिस्थितियों में लोगों को हर संभव मदद प्रदान करती है। इस संस्थान का उद्देश्य विकट परिस्थितियों में मानव जाति की सेवा करना, उन्हें सुरक्षा और शांति प्रदान करना है। यह संस्थान विभिन्न मूवमेंट और रेड क्रॉस डे के जरिए आवश्यक सामग्रियों को जुटाती है, जो मानव सेवा के काम आती है।

विश्व रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट दिवस 2024 थीम

विश्व रेड क्रॉस डे को हर साल नई थीम पर मनाया जाता है। साल 2023 में रेड क्रॉस डे की थीम “एवरीथिंग वी डू कॉम्स #फ्रॉम द हार्ट” थी। जबकि विश्व रेड क्रॉस डे 2024 थीम “मैं खुशी के साथ देता हूं, और जो खुशी मैं देता हूं वह एक पुरस्कार है।” यह थीम लोगों में खुशी के साथ औरों की मदद करने के विचार को बढ़ावा देगी। जिससे लोगों में परस्पर प्रेम, सहयोग और एक दूसरे का साथ देने की भावना उत्पन्न होगी।

विश्व रेड क्रॉस डे का महत्व

विश्व रेड क्रॉस डे निम्न मुख उद्देश्यों की पूर्ति की दृष्टि से काफी महत्त्वपूर्ण है :

  • रेड क्रिसेंट दिवस का उद्देश्य विश्वभर में लोगों को इस संस्थान जरिए लोगों को इस संस्थान से जोड़ना है।
  • आज रेड क्रॉस की शाखाएं दुनिया भर के देशों में फैली हुई हैं जो निष्पक्षता, तटस्थता, सार्वभौमिकता, स्वैच्छिक सेवा के उद्देश्य के साथ लोगों को कनेक्ट कर मानव सेवा के लिए तत्पर कर रही हैं
  • इसके साथ रेड क्रिसेंट दिवस के मुख्य उद्देश्य में से एक रक्त एकत्रित भी करना है। इस दिन भारी संख्या में लोग रक्तदान करते हैं।
  • इस दिवस के जरिए लोगों को जागरूक किया जाता हैं, ताकि वे आगे बढ़ कर मानव सेवा के लिए अपना योगदान दे सकें।

रेड क्रॉस डे के दिन विभिन्न प्रकार के आयोजन किए जाते हैं जिसके माध्यम से रेड क्रॉस डे के दिन जागरूकता अभियान चलाया जाता है। रक्तदान को महादान भी कहा जाता है इस दिन विभिन्न स्तर पर काम करने वाली संस्थाएं रक्तदान शिविर आयोजन करती हैं जिसमें बड़ी संख्या में लोग रक्तदान करते हैं। इस दिन चिकत्सा शिविर भी आयोजित किए जाते हैं जिसमें विभिन्न प्रकार की स्वास्थ जांच इत्यादि की जाती है जैसे डाईबटीज विटामिन डिफिशिएंसी टेस्ट इत्यादि। इस दिन कई प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं जिसमें रक्तदान के महत्व के लिए जागरूकता वह उससे जुड़े आंकड़े भी बताए जाते हैं। मुख्यतः सामाजिक संस्था व कई सरकारी,गैर सरकारी विभाग भी इस प्रकार के जागरूकता अभियान आयोजित करते हैं और इसमें कई जगह रेड क्रॉस सोसाइटी की टीम भी सम्मिलित होती है।

 

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