राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुपालन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने पुनर्गठित राष्ट्रीय पुस्तक संवर्धन परिषद की बैठक की। इसका उद्देश्य विशेषज्ञ सलाहकार समिति द्वारा तैयार राष्ट्रीय पुस्तक संवर्धन नीति के मसौदे का मूल्यांकन करना था।
“उन्होंने कहा कि पुस्तकें पढ़ने के लिए पाठकों का मौजूदा रुझान डिजिटल प्लेटफार्मों की ओर है।”
बैठक के दौरान श्री प्रधान ने स्कूली बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने इस आदत को बढ़ावा देने में शिक्षकों, अभिभावकों और संस्थानों की सहयोगी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुस्तकें पढ़ने के लिए पाठकों का मौजूदा रुझान डिजिटल प्लेटफार्मों की ओर है। इसलिए उन्होंने इस प्रस्तावित नीति में ऑडियो-विज़ुअल तत्वों सहित डिजिटल सामग्री पर ज्यादा जोर देने की ज़रूरत बताई। इसके अलावा, उन्होंने ऐसी विषय वस्तु प्रकाशित करने के महत्व पर भी बल दिया जो भारतीय मूल्यों, नैतिकता को दर्शाए और भारतीय संस्कृति में गहरे में उसकी जड़ें रची बसी हों।
प्रेस विज्ञप्ति








