पर्यटन स्थल वायनाड प्राकृतिक सुंदरता समेटे

आज हम चर्चा कर रहे हैं वायनाड पर्यटन स्थल की सैर के बारे में घूमना-फिरने के बारे में । दक्षिण भारत में केरल राज्य के वायानाड में हरियाली और सुंदर झरनों की बात करें तो शायद आपके मन में भी वायनाड को जानने की उत्सुकता जरूर जागेगी। केरल में वायनाड एक सुंदर हरा-भरा स्थान जिसकी खूबसूरती टूरिस्ट को अपनी तरफ खींच लेती है। हमने भी इसके बारे में सुना ही था।  हमने  यात्रा को कोझीकोड से शुरू किया गया जो की एक कार द्वारा की गई यात्रा थी।

कोझीकोड से वायानाड पहुँचने में लगभग ढाई घंटे का समय लगता हैं व् 85 किमी की दूरी पर है। हमारी यात्रा जैसे जैसे आगे बढ़ रही थी मन में उत्सुकता थी वायानाड के बारे में जानने की । आगे बढ़ते चले और यात्रा के दौरान पहाड़, चाय के सुन्दर हरे बाग देखने को मिले। घुमावदार सड़कों से जैसे-जैसे हमारी कार आगे बढ़ रही थी हरियाली, सुंदर पेड़, चाय और कॉफी के बाग और छोटी-छोटी मार्किट  दिखाई दे रही थी। भैया को कार रोकने के लिए बोला ओर खड़े होकर चाय के बागानों को निहारते  रहे, बहुत ही सुखद अनुभव था। चाय नाश्ता करने के बाद हम आगे बढ़े और जा पहुंचे पूकोडे झील। यह झील लगभग 3 किमी एरिया में फैली है और इस सुन्दर झील को देखने  का  मजा वोटिंग करके भी लिया जा सकता है पर अगर आप पैदल चलने के लिए तैयार हैं, किनारे किनारे सैर  करते हुए आगे बढ़ेंगे पक्षियों के चचाहने  ने की आवाज हरियाली और झील के किनारे बढ़ते कदम आपको एक बेहद सुखद अनुभव देंगे। झील के किनारे किनारे कब पता नहीं चला कि लगभग 2  किलोमीटर पैदल चल चुके थे। बाहर निकले तो मसाले को खुशबू आ रही थी। यहां से साबुत मसाले खरीद सकते हैं  उत्तर भारत में साबुत मसाले भी बोला जाता है।जैसे दालचीनी, इलाइची,कालीमिर्च ,जायफल।

झील के  बिल्कुल सामने बर्ड स्टेशन को देखकर मन में ख्याल आया कि देखा जाए क्या है। देश-विदेश से आए हुए वाकई बहुत ही सुंदर-सुंदर पक्षी ।  सुंदर-सुंदर पक्षी और उनको हाथ में दाना खिलाने का अनुभव जीवन में पहली बार ही देखा था सुंदर-सुंदर पक्षी हाथ में दाना देखकर अपने आप ही दाना खाने आ जाते हैं। यह  अनुभव  शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है।

खरीददारी दिन बीत रहा था और वायनाड से कोझीकोड वापिस जाने की तैयारी थी इस बीच खाना खाया और रास्ते में कार रोक कार एक जगह जा पहुंचे जहाँ बतया गया मसालो की ऑर्गेनिक फार्मिंग की जा रही थी और सबसे बड़ी बात बाहर से ही मसाले की खुशबू अपनी तरफ खींच रही थी। कुछ मसाले ख़रीदे ओर चल पड़े वापिस ।

कई और दर्शनीय स्थान वायनाड  में है लेकिन इस  हम उन्हें देख नहीं सके । धन्यवाद  वायानाड। शाम के लगभग पांच बज चुके के थे और हम बस कोझीकोड पहुंचने वाले थे लेकिन मन में एक सुंदर ख्याल चल रहा था वायनाड हम दोबारा आएंगे।

कैसे पहुंचे – रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट की बात करें तो कोझीकोड रेलवे स्टेशन लगभग यहां से 65 किलोमीटर दूर है और कोझीकोड  एयरपोर्ट लगभग 75 किलोमीटर दूर।

पर्यटन की दृष्टि से समय -अगर कोझीकोड बीच पर जाने के सुगम समय की बात करें तो केरल में सामान्यत नवंबर से फरवरी का समय पर्यटन के दृष्टि से अनुकूल माना जाता है।

 

–लेखक वशिष्ठ अपने अनुभव को साँझा करे रहे हैं उनका कहना हैं इस लेख का उद्देश्य सटीक जानकारी न हो कर ट्रैवल अनुभव को साँझा करना हैं

Team Charcha

टीम चर्चा कनेक्ट का प्रयास हैं कि आपको बेहतर अपडेट्स साँझा कर सके !

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