चर्चा केरल के कोष़िक्कोड बीच की
आज हम चर्चा कर रहे हैं केरल यात्रा के कोष़िक्कोड बीच की सैर के बारे में। कोष़िक्कोड बीच जिसको ‘कालीकट’ भी बोला जाता है। मुख्य पर्यटन स्थलों घूमना-फिरने में से एक साथ-साथ जिसका ऐतिहासिक महत्व भी है। कोझिकोड के ऐतिहासिक महत्व की बात करें तो बताया जाता है, की यहाँ पर वास्को-द-गामा पहली आया था। प्राकृतिक सौंदर्य समेटे हुए शाम के समय इस बीच का नजारा दर्शनीय होता है बड़ी संख्या में लोग इस बीच पर आते हैं। और सुबह के समय लोगों को बीच के किनारे टहलते हुए, घूमना-फिरना देखा जा सकता है।





कैसे पहुंचे – कोष़िक्कोड बीच रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर है।
एयरपोर्ट-अगर एयरपोर्ट से इसकी दूरी की बात की जाए तो लगभग 30 किलोमीटर है। दिल्ली मुंबई बंगलौर इत्यादि से कोष़िक्कोड फ्लाइट्स उपलब्ध हैं।
रेलवे स्टेशन-कोष़िक्कोड बीच रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर है।
पर्यटन की दृष्टि से समय -अगर कोझीकोड बीच पर जाने के सुगम समय की बात करें तो केरल में सामान्यत नवंबर से फरवरी का समय पर्यटन के दृष्टि से अनुकूल माना जाता है।
साउथ इंडियन डिशेज-कोष़िक्कोड बीच के आसपास कई प्रकार के रेस्तरां हैं जहां पर आप साउथ इंडियन डिशेज भोजन का लुतफ उठा सकते हैं।
खरीददारी- नारियल तेल में बने केले के चिप्स, हलवा यहाँ आने वाले पर्यटको की पसंदीदा हैं। बीच के आसपास मार्केट भी है जहाँ शॉपिंग की जा सकती हैं। बड़े शोरूम से लेकर स्थानीय मार्किट में जहाँ पर साड़ियां,सूट, केरल की पारम्परिक पोषक की खरीददारी की जा सकती हैं ।
एक बात जो यहाँ अलग थी बीच पर व् बीच के आस पास साफ सफाई का ध्यान रखा गया हैं। शांत वातावरण सुन्दर शहर,सुन्दर नजारा ,लजीज खाना और क्या चाहिए एक मुसाफिर को
–लेखक वशिष्ठ अपने अनुभव को साँझा करे रहे हैं उनका कहना हैं इस लेख का उद्देश्य सटीक जानकारी न हो कर ट्रैवल अनुभव को साँझा करना हैं
