9 वर्षों में एक भी नया अस्पताल नही, कैसा स्वास्थ्य मॉडल है केजरीवाल सरकार का? स्वास्थ्य ढांचा चरमराया हुआ है। – कैसा स्वास्थ्य मॉडल है केजरीवाल सरकार का? अनिल भारद्वाज
प्रेस विज्ञप्ति-दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अनिल भारद्वाज ने कहाँ
स्वच्छ पानी के नाम पर केजरीवाल दिल्लीवालों को दूषित जल पिला रहे है – दिल्ली जल बोर्ड 71000 करोड़ का कर्जदार।- अनिल भारद्वाज
केजरीवाल सरकार की गलत नीतियों के कारण रोजगार देने वाली राजधानी में आज बेरोजगारो की दर बढ़ रही है। – अनिल भारद्वाज

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन अनिल भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने अभी तक 9 वर्षों के कुल बजट 5,35,329 करोड़ रुपये जनता के टैक्स का पैसा अर्जित किया परंतु अरविन्द केजरीवाल दिल्ली के विकास के हर मोर्चें पर विफल साबित रहे हैं और फ्री फंड की सेवा के नाम पर दिल्ली की जनता को गुमराह कर रहे हैं। क्यों केजरीवाल यह सार्वजनिक नही करते कि दिल्ली सरकार पर कितना कर्जा है।
कोई नीति नही है सिर्फ प्रचार
अनिल भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल को जिस तरह बखान करती है उसकी पोल दिल्ली वालों के सामने खुल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में झूठे वायदे और टूटती उम्मीदों के अलावा के दिल्ली को कुछ नही मिला। शिक्षा व्यवस्था की बदहाली इस कदर बरपा रही है कि वर्ष 2022-23 में 9वीं और 11वीं कक्षा के लगभग डेढ़ लाख छात्र फेल हुए है और इस वर्ष 30 प्रतिशत छात्र फेल हो गए हैं। क्योंकि दिल्ली के 1027 स्कूलों में 60 प्रतिशत प्रींसिपल नही है, 50 प्रतिशत वाईस प्रींसिपल नही है और 30 प्रतिशत टीचरों के पद रिक्त है। टीचरों के अभाव में 25 प्रतिशत स्कूलों में साईंस और कॉमर्स की पढ़ाई नही होती, यह दिल्ली के बच्चों के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार के पास शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कोई नीति नही है सिर्फ प्रचार के आधार पर ही शिक्षा मॉडल का बखान करते है।
भारद्वाज ने कहा कि इस वर्ष 9वीं और 11वीं के परिणाम में दिल्ली सरकार के स्कूलों में 96 प्रतिशत बच्चे फेल होने के बाद शिक्षकों पर दबाव डालना कि वे खुद कॉपी लिखकर इन छात्रों को पास करें। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो दिल्ली कांग्रेस मांग करती है इसकी जांच होनी चाहिए, क्योंकि इससे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी ने 2015 के चुनाव में 500 नए स्कूल, 20 कॉलेज और विश्वविद्यालय बनाने का वायदा किया था। परंतु 9 वर्षों में सिर्फ 19 स्कूल बनाऐं और 14 बंद कर दिए मतलब दिल्ली सिर्फ 5 स्कूल मिले और एक भी नया कॉलेज और विश्वविद्यालय नही बनाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के 13 कॉलेज में केजरीवाल सरकार के कारण वहां के कर्मचारियों के सामने वेतन संकट लगातार आ रहा है। उन्होंने कहा कि जिसका शिक्षा मंत्री शिक्षा की जगह शराब नीति को अहमियत दे उस प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के कारण छात्रों को भविष्य अंधकार में होना संभव है।
9 वर्षों में एक भी अस्पताल नही बनाया फिर कैसे स्वास्थ्य क्षेत्र में केजरीवाल सरकार ने सुधार किया?
स्वास्थ के मुद्दे पर भरद्वाज ने कहाँ केजरीवाल सरकार ने 9 वर्षों में एक भी अस्पताल नही बनाया फिर कैसे स्वास्थ्य क्षेत्र में केजरीवाल सरकार ने सुधार किया। जबकि कांग्रेस की सरकार ने 15 वर्षों में 16 अस्पताल और 5 सुपर स्पेशलिटी अस्पताल दिल्ली को दिए। उन्होंने कहा कि यह कैसा बेहतर स्वास्थ्य मॉडल है जिसमें सरकार ने वर्तमान वर्ष में स्वास्थ्य के बजट में कटौती कर दी।
यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़ने से झाग बढ़ता जा रहा है
भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में जल संकट हमेशा बना रहता है और 9 वर्षों में वादों के मुताबिक केजरीवाल सरकार स्वच्छ पानी के साथ दिल्ली के प्रत्येक घरों में दूषित पानी के साथ बीमारी पहुचा रही हैं। दिल्ली जल बोर्ड आज भी अनेकों जे.जे. कॉलोनियों और अनाधिकृत कॉलोनियों में जल से नल देने में विफल है। दिल्ली जल बोर्ड पर 71000 करोड़ का कर्जा है जबकि कांग्रेस शासन में दिल्ली जल बोर्ड मुनाफा कमाने वाली संस्था थी।
भारद्वाज ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने पिछले 5 वर्षों में यमुना सफाई पर 6800 करोड़ खर्च करने का दावा किया है। यमुना में इतना प्रदूषण बढ़ रहा है कि यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़ने से झाग बढ़ता जा रहा है। दूषित पानी पीने के कारण पिछले 4 वर्षों में 30.72 लाख दिल्लीवासी जल जनित बीमारियों जैसे डायरिया से 27,72,350, टायफाईड से 2,80,693 और हैजा से 20,717 लोग गंभीर बीमारी से ग्रस्त हुए है। दूषित पानी के कारण दिल्ली में लीवर, किडनी और गेस्ट्रो जैसी खतरनाक बीमारियों के मरीजों की संख्या में कुल 580 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है।






