हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट पर कांग्रेस का रुख सख्त होता जा रहा है कांग्रेस संसद से सड़क तक इस मुद्दे को लगातार उठा रही है इसी बीच कांग्रेस ने एलआईसी एसबीआई के दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन किए।कांग्रेस सांसद ने भी इस मांग को बार-बार उठा रही।
हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट पर कांग्रेस का रुख सख्त होता जा रहा है कांग्रेस संसद से सड़क तक इस मुद्दे को लगातार उठा रही है इसी बीच कांग्रेस ने एलआईसी एसबीआई के दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन किए।कांग्रेस सांसद ने भी इस मांग को बार-बार उठा रही।
राजीव गांधी “India missed the Industrial Revolution; it cannot afford to miss the Computer Revolution.” Rajiv Gandhi आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्री राजीव गांधी की जयंती पर हम उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। राजीव गांधी जी का नाम भारत में कंप्यूटर क्रांति, तकनीकी बदलाव, सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार के विस्तार के अध्याय के आरम्भ से जुड़ा है। अपने दूरदर्शी नेतृत्व में उन्होंने यह समझा कि भविष्य में विज्ञान और तकनीक भारत की प्रगति में ,महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनके प्रयासों ने देश में आधुनिक तकनीक के लिए नई सोच और नई संभावनाओं का रास्ता खोला। भारत में कंप्यूटर, कंप्यूटर क्रांति और सूचना प्रौद्योगिकी भारत में कंप्यूटर, कंप्यूटर क्रांति और सूचना प्रौद्योगिकी के विकास की बात होती है तो पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी जी के दौर का जिक्र जरूर आता है। आज कंप्यूटर और तकनीक हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं, लेकिन 1980 के दशक में स्थिति बिल्कुल अलग थी। उस समय कंप्यूटर आम लोगों के लिए नई और कुछ हद तक अनजानी चीज थी। राजीव गांधी जी ने उस समय यह समझने की कोशिश की कि आने वाले वर्षों में तकनीक भारत…
Read moreदीपक शर्मा –पोस्टर चिपकाने से लेकर राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियों तक… एक संघर्ष और जनसेवा की यात्रा बहुत कम लोग जानते हैं कि जिस व्यक्ति ने संगठन में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत पोस्टर चिपकाने जैसे साधारण कार्य से की थी, वही आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारियाँ निभाएगा, विधानसभा चुनावों में पर्यवेक्षक और समन्वयक के रूप में कार्य करेगा, देश के वरिष्ठ नेताओं के साथ जनहित के मुद्दों पर चर्चा करेगा और टीवी बहसों में अपनी पार्टी का प्रभावी पक्ष रखेगा। शक्ति नहीं, सेवा के लिए राजनीति यह कहानी है दीपक शर्मा की- एक ऐसे युवा की, जिसने कठिन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। उनके लिए राजनीति शक्ति प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सेवा, जनकल्याण और सकारात्मक बदलाव का सशक्त माध्यम है। दृढ़ इच्छाशक्ति से जनसेवा तक दिल्ली के एक साधारण परिवार में जन्मे दीपक शर्मा का जीवन इस बात का प्रमाण है कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए असाधारण परिस्थितियों की नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर परिश्रम और स्पष्ट उद्देश्य की आवश्यकता होती है। संघर्ष, सामाजिक सरोकार, वैचारिक प्रतिबद्धता, संगठनात्मक क्षमता और जनसेवा-दृढ़…
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