रामलीला मैदान में मजदूरों-किसान संगठनों की विशाल रैली

रामलीला मैदान में मजदूरों-किसान संगठनों की विशाल रैली

किसानों और  मजदूरों का प्रतिनिधित्व करने वाले 3 संगठनों ने संयुक्त रूप से आज दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली कर मजदूरों और किसानो की मांगो को मजबूती से रखा है । जिन तीन संगठनो ने रैली का आयोजन किया उनमे सीटू (भारतीय ट्रेड यूनियनों का केंद्र); एआईकेएस (अखिल भारतीय किसान सभा); और AIAWU (ऑल इंडिया एग्रीकल्चरल वर्कर्स यूनियन) शामिल हैं ।

प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया की जनता की मांगों को लेकर देशभर में व्यापक अभियान चल रहा है। अभियान को आम लोगों से अभूतपूर्व उत्साह और समर्थन मिला है। स्थिर मजदूरी/आय, मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी, नौकरी की असुरक्षा, कृषि उपज के लिए कम रिटर्न कुछ ऐसे प्रमुख मुद्दे हैं जो  सरकार के प्रति मोहभंग पैदा कर रहे हैं। बढ़ती असमानता और अमीरों के प्रति सरकार के पूर्वाग्रह की निंदा की जा रही है।

जिन मुख्य मांगो को लेकर रैली आयोजित की गयी उनमे मुख्य मांगे हैं –

» केंद्र सरकार द्वारा सभी गरीब और मध्यम किसानों और खेतिहर मजदूरों का एकमुश्त कर्ज माफ करना; 60 वर्ष से ऊपर के सभी को पेंशन।

» योजना के कर्मचारियों सहित सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन  रु. 26,000 प्रति माह और पेंशन रु. 10,000 सुनिश्चित करना; काम का कोई ठेकेदारीकरण नहीं।

» गारंटीकृत खरीद के साथ सभी कृषि उपज के लिए कानूनी तौर पर एमएसपी @ सी2+50% सुनिश्चित करें।

» चार श्रम संहिताओं और विद्युत संशोधन विधेयक 2022 को रद्द करें यह मांग देश की ट्रेड यूनियनो का मंच भी लगातार उठा रहा हैं ।

» नौकरी की सुरक्षा और सभी के लिए गारंटी; मनरेगा का विस्तार ।

»सार्वजनिक उपक्रमों और सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण बंद करो;  राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) को स्क्रैप किया जाये ।

» मूल्य वृद्धि को रोकें, खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं पर GST वापस लें

» पेट्रोल/डीजल/मिट्टी के तेल/खाना पकाने की गैस पर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क को पर्याप्त रूप से कम करना ।

» रसोई गैस के दामों में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए ।

» सभी गैर-करदाता परिवारों को भोजन और आय सहायता सुनिश्चित करें।

» सभी के लिए सार्वभौमिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा सुनिश्चित करना।

 

  • Team Charcha

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