बीएचईएल ने आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने की दिशा में मजबूत स्थानीय आपूर्ति पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) के निर्माण के लिए परिचर्चा का आयोजन किया
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने आज भारत मंडपम में घरेलू व्यवसाय भागीदारों, उद्योग संघों, शिक्षाविदों और अनुसंधान संस्थानों, सरकारी संस्थानों एवं अन्य मंत्रालय जैसे सीईऐ, डीओई, डीपीआईआईटी, एम्ओपी, स्टील मंत्रालय, एम्ईआईटीवाय के साथ संवाद का तीसरा संस्करण ‘बीएचईएल संवाद 3.0’ का आयोजन किया। भारी उद्योग मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम ‘अनुसंधान एवं नवाचार से विकास‘ विषय पर केन्द्रित था।
श्री कामरान रिज़वी, सचिव (भारी उद्योग) ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में बताया कि भारी उद्योग मंत्रालय पूंजीगत माल और ऑटोमोटिव उद्योगों के विकास हेतु पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराने की दिशा में वृहद स्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने देश में औद्योगिक परिदृश्य को आकार देने में बीएचईएल की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बीएचईएल ने विद्युत उत्पादन, पारेषण, परिवहन एवं रक्षा उपकरणों तथा प्रौद्योगिकियों की विस्तृत श्रृंखला विकसित एवं विनिर्मित की है, जिससे आयात पर भारत की निर्भरता को कम करने में काफी मदद मिली है। श्री रिजवी ने कहा कि बीएचईएल संवाद जैसी पहलें आत्मनिर्भर भारत के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
अपने संबोधन में संयुक्त सचिव (एचआई) श्री. विजय मित्तल ने संवाद 1.0 और 2.0 से सामने आए परिणामों और आयात प्रतिस्थापन और स्वदेशी विक्रेता पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए देश में ही उत्पादों के निर्माण में बीएचईएल द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने संवाद 3.0 आयोजित करने के बीएचईएल के प्रयासों की सराहना की, जो एक व्यापक आउटरीच और अधिक भागीदारों को जोड़ने की गुंजाइश वाला एक समावेशी कार्यक्रम है।






