हमें ये पहचानने की जरूरत है कि हमारे संगठन के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है। उस चुनौती का सामना हम कैसे करेंगे, इसी के लिए हम इकट्ठे हुए हैं और तीन दिनों से चर्चा चल रही है, इसके बारे में कुछएक-दो अपनी बातें कहना चाहती हूं। खासतौर से उन कार्यकर्ताओं के लिए जो देश भर में हैं, लेकिन आज यहां उपस्थित नहीं है।देखिए कांग्रेस का कार्यकर्ता कौन है- वो अनोखेलाल हैं, जो इस झण्डे को लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर तक चले। वो दिनेश है, जो आज दिख नहीं रहा है, जो इसी तरह से देश के ध्वज को लेकर नंगे पांव चला। कल किसी ने नसीब पठान जी का नाम लिया, उत्तर प्रदेश के एक नेता थे, आजीवन कांग्रेस के प्रति उन्होंने निष्ठा दिखाई, उसी तरह से मैं कई नाम ले सकती हूं।
कांग्रेस पार्टी इन तीन दिनों में जितने भी प्रस्ताव ला रही है, जैसे- किसानों के लिए, मैं आज पढ़ रही थी कि एक प्रस्ताव है न्याय योजना की तरह हमें किसानों के लिए एक योजना बनानी है। तो ये सब बातें पब्लिक तक पहुंचाना हमारा काम है और इसमें आपकी बहुत अहमियत है। तो एक साथ हमें काम करना पड़ेगा, चाहे महिलाओं के लिए, उनके विकास के लिए, चाहे ये समझाना कि जबकि देश का किसान आज कर्ज में डूब रहा है, मुश्किलों से घिरा हुआ है, लेकिन जमीन प्रधानमंत्री जी अपने दोस्तों को मुफ्त में दिलवा रहे हैं। आज हमें देश को दिखाना पड़ेगा कि किस तरह कुछ गिने-चुने उद्योगपति आगे बढ़े जा रहे हैं, उनकी आमदनी दोगुनी-तिगुनी बढ़ती जा रही है और किसान की
आमदनी कम होती जा रही है, नौजवानों के रोजगार कम होते चले जा रहे हैं, महंगाई बढ़ती जा रही है, किसानों के कर्ज माफ नहीं होते, लेकिन बड़े-बड़े उद्योगपतियों के होते हैं, ये सब बातें हमें पब्लिक में ले जानी हैं।
प्रियंका गाँधी के भाषण के कुछ अंश






