एनबीसीसी द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई

एनबीसीसी द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई

(आंकड़े अनंतिम और अलेखा परीक्षित हैं)

  • विगत वित्त वर्ष की तुलना में 250% से अधिक की वृद्धि दर्ज करते हुए समेकित स्तर पर प्राप्त कारोबार 23,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
  • अब तक का उच्चतम बिक्री रिकॉर्ड: वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, नई दिल्ली में लगभग 6480 करोड़ रुपये की वाणिज्यिक रियल एस्टेट मालसूची की बिक्री, विगत वित्त वर्ष में प्राप्त बिक्री की तुलना में 208% से अधिक की वृद्धि देखी गई।
एनबीसीसी ने वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान महत्वपूर्ण कारोबार अर्जित किया और इसने पूर्ववर्ती वित्त वर्ष में 6,700 करोड़ रुपये (समेकित आधार पर) और 4,225 करोड़ रुपये (एकल आधार पर) की तुलना में समेकित आधार पर 23,500 करोड़ रुपये और एकल आधार पर 18,400 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड नए कार्य अर्जित किए हैं।

वित्त वर्ष 2023-24 में अर्जित प्रमुख कारोबार:

  • आम्रपाली में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त एफ.ए.आर. कार्य
  • दिल्ली के बाहर पहली पुनर्विकास परियोजना अर्थात; 2,000 करोड़ रुपये मूल्य वाली केरल राज्य हाउसिंग बोर्ड (के.एस.एच.बी.) परियोजना
  • अनुमानित मूल्य 1500 करोड़ रुपये के साथ “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” के तहत अनाज भंडारण के निर्माण के माध्यम से कृषि-अवसंरचना क्षेत्र का विविधीकरण।
  • मायापुरी, राष्ट्रपति भवन, नासिक और कोलकाता में स्व-वित्तपोषण मॉडल के माध्यम से भारत सरकार प्रेस का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण, जिसका मूल्य 750 करोड़ रुपये है।
  • एस.ए.आई.एल. भिलाई, बोकारो, दुर्गापुर और बर्नपुर के विभिन्न अवसंरचना कार्य, जिसका मूल्य 580 करोड़ रुपये है।
  • एन.आई.टी. सिक्किम कार्य, जिसका मूल्य 560 करोड़ रुपये है।
  • ओडिशा, बिहार, झारखंड, एन.ई.आर., उ.प्र. और दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर जवाहर नवोदय विद्यालय (जे.एन.वी.) का निर्माण कार्य, जिसका मूल्य 346 करोड़ रुपये है।
  • पारादीप पोर्ट अथॉरिटी (पी.पी.ए.), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आई.एम.ए.) , खादी और ग्रामोद्योग आयोग (के.वी.आई.सी.) , एन.आई.एफ.टी. वाराणसी, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आई.सी.ए.आई.) , पी.डब्ल्यू.डी. पुडुचेरी आदि के लिए अन्य कार्य अर्जित किए हैं।
  • भूमि मुद्रीकरण के लिए बी.एच.ई.एल., हडको, डी.एम.आर.सी. और इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आई.सी.एस.आई.) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
आम्रपाली : एनबीसीसी ने केवल तीन वर्षों में (जिसमें 2 वर्ष की कोविड-19 अवधि भी शामिल है) लगभग 19,000 इकाइयों को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। कंपनी मार्च, 2025 से पहले अन्य 19,000 इकाइयों की सुपुर्द करने के लिए प्रतिबद्ध है। एनबीसीसी ने एस्पायर टीम के साथ आम्रपाली परियोजना में 6,300 से अधिक इकाइयों की बिक्री हासिल की है, जिनका कुल बिक्री मूल्य 3650 करोड़ रुपये से अधिक है।
डब्ल्यू.टी.सी. नौरोजी नगर : एनबीसीसी ने इस वित्त वर्ष में लगभग 6,500 करोड़ रुपये मूल्य की वाणिज्यिक रियल एस्टेट मालसूची की बिक्री की है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह लगभग 2,100 करोड़ रुपये थी। आज की तिथि तक, कंपनी ने 25 ई-नीलामी के माध्यम से 30 लाख वर्गफुट से अधिक की कुल वाणिज्यिक मालसूची की बिक्री की है, जिनका बिक्री मूल्य 12,100 करोड़ रुपये से अधिक है। परियोजना 95% से अधिक भौतिक प्रगति की उपलब्धि के साथ तीव्रता से पूर्ण होने की ओर अग्रसर है।
प्रदत्त कार्य : वित्तीय वर्ष 2023-2024 के दौरान, समेकित आधार पर, लगभग 62% की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज करते हुए, कंपनी को विगत वर्ष लगभग 6050 करोड़ रुपये के प्राप्त कार्यों की तुलना में विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित लगभग 9,800 करोड़ रुपये के कार्य प्रदान किए गए हैं।
एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री के. पी. महादेवस्वामी ने निर्माण और बुनियादी इंफ्रइन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में, तथा विशेष रूप से पुनर्विकास और भूमि मुद्रीकरण प्रयासों में कंपनी की अनुभव तथा परिपक्वता को ताकत मानते हुए, जोर दिया और कहा “एक मजबूत ऑर्डर बुक और पुनर्विकास और भूमि मुद्रीकरण पर रणनीतिक फोकस के साथ, एनबीसीसी न केवल अपने विकास पथ को बनाए रखने, बल्कि क्रमिक रूप से इसे बढ़ाते हुए, भारत के निर्माण और बुनियादी इंफ्रइन्फ्रास्ट्रक्चर के परिदृश्य में सतत विकास को आगे लेने के लिए अच्छी स्थिति में है।”

 

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